Shimla : भूस्खलन से फोरलेन पुल ध्वस्त, डेढ़ दर्जन मकान खतरे में

Update: 2025-07-04 05:16 GMT
Shimla शिमला: राजधानी शिमला में बारिश से तबाही का सिलसिला जारी है। ढली के साथ लगते लिंडीधार गांव में फोरलेन सड़क गुरुवार को फिर से ध्वस्त हो गई, जिससे आसपास खड़े लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। यहां पिछले कई दिनों से हो रहे भूस्खलन के कारण आसपास के गांवों के कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं। गुरुवार दोपहर यहां फिर से भूस्खलन होने से ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। यहां के लोग डर के साये में जीने को मजबूर हो गए हैं। बारिश होने पर लोग अपने घरों से बाहर निकल आते हैं। यहां करीब 7 मकान खतरे की जद में हैं। लोगों ने मकान भी खाली कर दिए हैं। लिंडीधार गांव, चमियाना गांव और चलौंठी, भट्टाकुफर, मथु कॉलोनी और ढली के फोरलेन किनारे के लोग इन दिनों डर के साये में जी रहे हैं।
वहीं, शहर में भारी बारिश के कारण जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। शहर के कैथू में एंबुलेंस रोड बनाई गई है। यहां गुरुवार को हुए भूस्खलन के कारण आसपास के कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं। जगह को तिरपाल से ढक दिया गया है। पार्षद कांता सुयाल ने बताया कि भूस्खलन के कारण सड़क के दोनों ओर ऊपर और नीचे करीब डेढ़ दर्जन मकान बने हैं, ऐसे में इन पर खतरा मंडरा रहा है।
हालांकि अभी मकानों को खाली नहीं करवाया गया है, लेकिन बारिश के दौरान लोग घरों से बाहर निकल आते हैं। इसके अलावा कई पेड़ भी गिरने की कगार पर हैं। वीरवार को दोपहर बाद शिमला में मूसलाधार बारिश हुई, जिससे शहर में कई जगह जलभराव हो गया। कई दुकानों में भी पानी घुस गया, साथ ही नालियां और सीवर जाम हो गए। वहीं, छोटा शिमला में सड़क पर गहरी दरारें आ गई हैं। यहां सड़क बीच से धंसने लगी है।
शिमला में बारिश से तबाही का सिलसिला जारी है, लेकिन नगर निगम प्रशासन फील्ड से गायब है। मेयर सुरेंद्र चौहान दिल्ली में आयोजित कार्यशाला में भाग लेने गए हैं। डिप्टी मेयर भी छुट्टी पर हैं, जबकि निगम के कुछ अफसर विदेश दौरे पर गए हैं, ऐसे में लोगों की सुध लेने के लिए कोई फील्ड में नहीं है। मेडिकल अवकाश पर गए नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री गुरुवार को कार्यालय लौटे। आयुक्त ने कार्यालय में बैठकर कई महत्वपूर्ण फाइलें निपटाईं।
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