हिमाचल विजिलेंस के प्राइवेट फंड पर उठे सवाल, DGP अशोक तिवारी ने दिए ऑडिट के आदेश
हिमाचल पुलिस प्रमुख ने ऑडिट रिपोर्ट मांगी
Himachal Pradesh: विजिलेंस विभाग के एक प्राइवेट फंड को लेकर सवाल उठने के बाद अब इसकी जांच शुरू हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) अशोक तिवारी ने फंड का विशेष ऑडिट कराने के आदेश जारी किए हैं। ऑडिट के जरिए फंड में जमा राशि, खर्च और उससे जुड़े सभी लेन-देन की जांच की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, विजिलेंस विभाग के भीतर संचालित किए जा रहे एक निजी फंड को लेकर कुछ सवाल सामने आए थे। आशंका जताई जा रही है कि फंड के संचालन और खर्च को लेकर नियमों का पालन किया गया या नहीं, इसकी जांच जरूरी है।
DGP के निर्देश के बाद अब संबंधित अधिकारियों से फंड से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
DGP ने दिए पारदर्शी जांच के निर्देश
पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने मामले में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऑडिट कराने का फैसला लिया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाए और सभी वित्तीय रिकॉर्ड की बारीकी से समीक्षा की जाए।
विजिलेंस जैसे महत्वपूर्ण विभाग में वित्तीय मामलों को लेकर किसी भी तरह की अनियमितता को गंभीरता से लिया जा रहा है।
खर्च और लेन-देन की होगी पड़ताल
ऑडिट के दौरान यह देखा जाएगा कि फंड में पैसा कहां से आया, किन कार्यों में खर्च किया गया और क्या सभी भुगतान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हुए या नहीं।
इसके अलावा फंड के संचालन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा सकती है।
रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
अधिकारियों का कहना है कि अभी जांच शुरुआती चरण में है। ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि फंड में किसी तरह की वित्तीय अनियमितता हुई है या नहीं।
यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।