पेपर लीक मामले पर सीएम सुक्खू का भाजपा पर हमला, बोले हमने दोषियों पर की कार्रवाई
Dharmshala धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पेपर लीक मामलों को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में भी पुलिस भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए थे, लेकिन उस समय दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। धर्मशाला में मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि जब हिमाचल प्रदेश में भाजपा की सरकार थी, तब पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ था। इसके अलावा सबऑर्डिनेट सिलेक्शन बोर्ड के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं में भी पेपर लीक और पेपर बिकने जैसी घटनाएं सामने आई थीं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से 2022 तक जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के दौरान कई पेपर लीक के मामले सामने आए, लेकिन उन पर उचित कार्रवाई नहीं की गई। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने सत्ता में आने के बाद ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सबऑर्डिनेट सिलेक्शन बोर्ड को भंग करने का फैसला लिया गया और पेपर लीक मामले में शामिल लोगों को जेल भेजा गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने नकल और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़े प्रावधान किए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में मेहनत करने वाले लाखों युवाओं के साथ किसी भी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने नकल रोकने और परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए सख्त कानून बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में विश्वास बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
पेपर लीक का मुद्दा देशभर में राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। विपक्ष जहां सरकारों से जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है, वहीं राज्य सरकारें अपने-अपने स्तर पर परीक्षा व्यवस्था में सुधार के दावे कर रही हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू के इस बयान के बाद हिमाचल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है। भाजपा की ओर से इस मामले में प्रतिक्रिया आने के बाद राजनीतिक विवाद और बढ़ सकता है।