Shimla शिमला: हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और पूरा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सोमवार सुबह राजधानी शिमला के भट्टाकुफर इलाके में एक 5 मंजिला मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया। यह हादसा चम्याणा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को जाने वाली सड़क पर मथु कॉलोनी में हुआ। फोरलेन निर्माण कार्य के दायरे में आने के कारण यह भवन खतरे में था और इसे काफी पहले ही खाली करा लिया गया था। गनीमत रही कि जिस समय यह मकान गिरा, उस समय इसमें कोई नहीं रह रहा था। इस कारण किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह मकान काफी समय से खाली पड़ा था और जर्जर हालत में था।
हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और प्रशासन को सूचना दी गई। भवन का मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। प्रशासन ने बताया है कि क्षेत्र में ऐसे जर्जर भवनों की पहचान की जा रही है, ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें और भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके। शिमला के साथ-साथ कुल्लू और मंडी में पिछले 24 घंटों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जिसके चलते नदी-नाले उफान पर हैं।
मौसम विभाग के भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए ब्यास नदी पर मंडी जिले में स्थित दोनों बांधों लारजी और पंडोह के गेट भी खोल दिए गए हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में हणोगी देवी पर्वत पर जोगनी मोड़ पर बरसाती झरने इस तरह बह रहे हैं कि कभी भी कोई हादसा हो सकता है। इसका कारण यह है कि इनमें पानी के साथ पत्थर भी बहते हैं, जिसके चलते ये झरने लोगों के लिए बेहद खतरनाक हैं।
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