सिरमौर। जिले में पिछले करीब दो सप्ताह से लगातार हो रही बारिश ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जगह-जगह भूस्खलन और मलबा आने से सड़क यातायात प्रभावित हो रहा है। नाहन-श्रीरेणुकाजी सड़क नेहली के पास लगातार चौथे दिन भी बंद रही। महत्वपूर्ण मार्ग के बाधित होने से स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से गुजरते हुए करीब 30 से 40 किलोमीटर अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है।
लगातार बारिश के कारण जिले में सड़क और पेयजल से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। पिछले दो दिनों में ही लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग को करीब 4 करोड़ 40 लाख रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। बारिश जारी रहने की स्थिति में नुकसान का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
नाहन-श्रीरेणुकाजी सड़क क्षेत्र के महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों में शामिल है। नेहली के पास मार्ग बाधित होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सड़क बंद होने के कारण वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे न केवल यात्रा का समय बढ़ गया है, बल्कि ईंधन खर्च और परिवहन लागत पर भी असर पड़ रहा है।
लोक निर्माण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार सड़क को खोलने के लिए काम किया जा रहा है और सोमवार तक मार्ग बहाल होने की उम्मीद है। हालांकि लगातार बारिश और पहाड़ी क्षेत्र की परिस्थितियां बहाली कार्य में चुनौती पैदा कर सकती हैं। विभाग की प्राथमिकता सड़क को सुरक्षित तरीके से यातायात के लिए खोलने की है।
30 से 40 किलोमीटर बढ़ गया सफर
नेहली के पास सड़क बंद होने का सीधा असर रोजाना इस मार्ग से आवागमन करने वाले लोगों पर पड़ा है। सामान्य दिनों में जिस दूरी को सीधे मार्ग से तय किया जा सकता था, उसके लिए अब यात्रियों को 30 से 40 किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है।
लंबा चक्कर लगने के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अधिक समय लग रहा है। निजी वाहन चालकों के साथ सार्वजनिक परिवहन और आवश्यक सामान लेकर आने-जाने वाले वाहनों को भी परेशानी हो रही है। यदि सड़क लंबे समय तक बंद रहती है तो आसपास के क्षेत्रों में रोजमर्रा की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है।
बारिश के मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों की सड़कों पर मलबा और पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है। ऐसे में सड़क खोलने के साथ यह सुनिश्चित करना भी जरूरी होता है कि मार्ग यात्रियों के लिए सुरक्षित हो।
दो विभागों को करोड़ों का नुकसान
भारी बारिश से केवल यातायात व्यवस्था ही प्रभावित नहीं हुई है। लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग को भी बड़े स्तर पर नुकसान उठाना पड़ा है। पिछले दो दिनों में दोनों विभागों को कुल मिलाकर करीब 4.40 करोड़ रुपये की क्षति होने की जानकारी सामने आई है।
लोक निर्माण विभाग के अधीन सड़कों, डंगों और अन्य संरचनाओं को बारिश से नुकसान पहुंचने की आशंका है। दूसरी ओर जल शक्ति विभाग की पेयजल योजनाएं और संबंधित संरचनाएं भी खराब मौसम से प्रभावित हो सकती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के दौरान जल स्रोतों और पाइपलाइन नेटवर्क को नुकसान पहुंचने का खतरा अधिक रहता है।
विभागों की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन करने के साथ जरूरी मरम्मत और बहाली कार्य किए जा रहे हैं। मौसम में सुधार आने के बाद क्षति की पूरी तस्वीर और स्पष्ट होने की संभावना है।
दो सप्ताह से बारिश ने बढ़ाई परेशानी
जिले में करीब दो सप्ताह से लगातार बारिश होने के कारण जमीन में नमी काफी बढ़ गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने पर भूस्खलन और चट्टानें गिरने का खतरा बढ़ जाता है। सड़क किनारे की मिट्टी कमजोर होने के कारण मलबा मार्ग पर आने की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं।
ऐसी परिस्थितियों में सड़क बहाली के लिए तैनात कर्मचारियों और मशीनरी को भी सावधानी के साथ काम करना पड़ता है। मलबा हटाने के बाद दोबारा भूस्खलन होने का खतरा रहने से काम प्रभावित हो सकता है।
नाहन-श्रीरेणुकाजी मार्ग के नेहली में बंद होने से क्षेत्र की यातायात व्यवस्था पर इसका स्पष्ट असर दिखाई दे रहा है। लगातार चौथे दिन मार्ग नहीं खुलने से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
सोमवार तक सड़क खोलने का लक्ष्य
लोक निर्माण विभाग ने सोमवार तक नाहन-श्रीरेणुकाजी सड़क को बहाल करने की संभावना जताई है। सड़क को जल्द से जल्द खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। मार्ग बहाल होने के बाद इस क्षेत्र से आने-जाने वाले लोगों को लंबा वैकल्पिक रास्ता लेने से राहत मिलेगी।
हालांकि बहाली कार्य काफी हद तक मौसम की स्थिति पर भी निर्भर करेगा। यदि भारी बारिश का दौर जारी रहता है तो काम की गति प्रभावित हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में किसी भी सड़क को यातायात के लिए खोलने से पहले सुरक्षा सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होता है।
यात्रियों को सावधानी बरतने की जरूरत
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से रुकना जोखिमपूर्ण हो सकता है। इसके अलावा बारिश के दौरान सड़क पर अचानक पत्थर या मलबा आने की आशंका भी बनी रहती है।
लोगों के लिए यात्रा से पहले संबंधित मार्ग की स्थिति की जानकारी लेना उपयोगी हो सकता है। बंद सड़क पर जबरन आगे बढ़ने या मलबे वाले हिस्से को पार करने का प्रयास दुर्घटना का कारण बन सकता है।
फिलहाल जिले में बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित है और नाहन-श्रीरेणुकाजी सड़क चौथे दिन भी बंद है। प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने सड़क संपर्क बहाल करने के साथ क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को ठीक करने की चुनौती है। सोमवार तक सड़क खुलने की उम्मीद जताई गई है। वहीं पिछले दो दिनों में लोक निर्माण और जल शक्ति विभाग को हुए 4.40 करोड़ रुपये के नुकसान ने बारिश से पैदा हुई स्थिति की गंभीरता को सामने रखा है।