Shimla शिमला। हिमाचल प्रदेश में लॉटरी टेंडर को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर सांसद अनुराग ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से लॉटरी टेंडर को वापस लेने की अपील की है। उन्होंने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए सरकार से दोबारा विचार करने की मांग की है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार को ऐसे फैसले लेने से बचना चाहिए, जिनसे आम लोगों और युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि लॉटरी व्यवस्था से पारदर्शिता और सामाजिक हितों को लेकर कई सवाल खड़े हो सकते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस टेंडर को रद्द किया जाए।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की पहचान पर्यटन, मेहनत और ईमानदारी से जुड़े विकास मॉडल के रूप में रही है। ऐसे में सरकार को ऐसी नीतियां अपनानी चाहिए जो युवाओं को रोजगार और प्रदेश को स्थायी विकास की दिशा में आगे बढ़ाएं। अनुराग ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुक्खू से अपील करते हुए कहा कि सरकार को इस मामले में जल्द निर्णय लेना चाहिए और लॉटरी टेंडर को वापस लेकर जनता की चिंताओं को दूर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना को लागू करने से पहले उसके सामाजिक और आर्थिक प्रभावों का आकलन जरूरी है।
वहीं, इस मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्ष सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहा है और इसे लेकर सवाल उठा रहा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार को जनता के हितों को प्राथमिकता देते हुए अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। दूसरी ओर, सरकार की ओर से अभी इस मामले में विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में लॉटरी टेंडर का मुद्दा विधानसभा और राजनीतिक मंचों पर और जोर पकड़ सकता है।