Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: मंडी में आगामी राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और संयुक्त रक्षा सेवा (CDS) परीक्षाओं को शांतिपूर्ण और नकल-मुक्त वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से Mandi district में प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 163 लागू कर दी है। यह आदेश परीक्षा अवधि के दौरान भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लागू किया गया है।
यह परीक्षा Union Public Service Commission द्वारा आयोजित की जाती है, जो देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। इन परीक्षाओं में लाखों अभ्यर्थी हिस्सा लेते हैं और परीक्षा केंद्रों के बाहर भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन यह निर्णय लिया है।
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में अनावश्यक भीड़ एकत्रित होने, नारेबाजी करने, ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग और किसी भी प्रकार के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही, परीक्षा केंद्रों के आसपास फोटोस्टेट मशीन, साइबर कैफे और संदिग्ध गतिविधियों पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी।
प्रशासन ने बताया कि धारा 163 लागू करने का मुख्य उद्देश्य परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। अक्सर देखा जाता है कि बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान बाहरी भीड़ और असामाजिक तत्वों के कारण अभ्यर्थियों को असुविधा होती है। ऐसे में यह कदम परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए जरूरी माना गया है।
पुलिस विभाग ने परीक्षा केंद्रों के आसपास अतिरिक्त जवानों की तैनाती की है। इसके अलावा गश्त बढ़ा दी गई है और सभी प्रमुख मार्गों पर निगरानी रखी जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
स्थानीय प्रशासन ने अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे परीक्षा के दौरान नियमों का पालन करें और अनावश्यक रूप से परीक्षा केंद्रों के बाहर भीड़ न लगाएँ। अभ्यर्थियों को समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुँचने की सलाह दी गई है ताकि अंतिम समय की भागदौड़ और तनाव से बचा जा सके।
इसके साथ ही परिवहन व्यवस्था को भी सुचारू रखने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा वाले दिनों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बसों और अन्य सार्वजनिक वाहनों के संचालन में विशेष व्यवस्था की गई है। ट्रैफिक पुलिस को भी प्रमुख चौराहों पर तैनात किया गया है।
Himachal Pradesh प्रशासन का कहना है कि इस तरह के कदम भविष्य में भी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान अपनाए जा सकते हैं, ताकि परीक्षाएं बिना किसी बाधा के संपन्न हो सकें।
कुल मिलाकर, मंडी में लागू धारा 163 का उद्देश्य केवल परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।