बच्चेदानी ऑपरेशन पैकेज में पुरुषों का इलाज सवालों के घेरे में डॉ. जनक से पूछताछ
पुरुषों के इलाज पर उठे सवाल विजिलेंस के सामने पेश होंगे डॉ. जनक
शिमला: हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य योजना से जुड़े कथित अनियमितता मामले में विजिलेंस ने जांच तेज कर दी है। हिमकेयर योजना के तहत बच्चेदानी ऑपरेशन के पैकेज में पुरुष मरीजों के इलाज और बिलिंग को लेकर उठे सवालों के बीच पूर्व स्वास्थ्य संस्थान प्रमुख डॉ. जनक राज से पूछताछ की जाएगी।
मामला उस समय चर्चा में आया जब आरोप लगे कि महिलाओं के लिए निर्धारित हिस्टेरेक्टॉमी यानी बच्चेदानी हटाने के पैकेज के तहत कुछ पुरुष मरीजों के इलाज के बिल भी दर्ज किए गए। विजिलेंस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह तकनीकी गलती थी, दस्तावेजों में त्रुटि हुई या फिर किसी तरह की वित्तीय अनियमितता हुई।
जांच एजेंसी डॉ. जनक राज से कई अहम बिंदुओं पर जवाब मांग सकती है। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में मुख्य रूप से चार सवालों पर फोकस रहेगा। पहला सवाल यह होगा कि महिला रोगों से जुड़े पैकेज में पुरुष मरीजों के इलाज की एंट्री कैसे हुई। दूसरा, क्या अस्पताल स्तर पर मरीजों के रिकॉर्ड और बिलों की जांच की गई थी या नहीं। तीसरा, इस प्रक्रिया में किन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका रही। चौथा, यदि कोई गलती हुई तो उसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए।
हिमकेयर योजना हिमाचल प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसके तहत पात्र मरीजों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाती है। योजना में इलाज के पैकेज और क्लेम प्रक्रिया को लेकर नियम तय हैं। डॉ. जनक राज ने पहले इस मामले में सफाई देते हुए कहा था कि मेडिकल रिकॉर्ड और पैकेज से जुड़े मामलों को तकनीकी नजरिए से भी समझने की जरूरत है। उन्होंने पुरुषों में कुछ दुर्लभ चिकित्सकीय स्थितियों का हवाला देते हुए अपनी बात रखी थी।
विजिलेंस जांच का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि संबंधित मामलों में नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं। यदि जांच में किसी तरह की वित्तीय गड़बड़ी या लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले के सामने आने के बाद हिमाचल की स्वास्थ्य योजनाओं में क्लेम जांच, अस्पतालों की निगरानी और रिकॉर्ड सत्यापन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अब डॉ. जनक राज से होने वाली पूछताछ के बाद जांच की दिशा और साफ होने की उम्मीद है।