चंबा। उत्तर भारत की प्रसिद्ध और आस्था से जुड़ी मणिमहेश यात्रा-2026 को लेकर भरमौर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर यात्रा प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यात्रा की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर दी है। अब देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालु घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकेंगे और यात्रा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कर पाएंगे।
भरमौर प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से श्रद्धालुओं को यात्रा पंजीकरण के साथ-साथ मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, जरूरी दिशा-निर्देश और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले ऑनलाइन पंजीकरण जरूर पूरा करें, ताकि यात्रा को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संचालित किया जा सके।
मणिमहेश यात्रा हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में आयोजित होने वाली प्रमुख धार्मिक यात्राओं में शामिल है। हर साल हजारों की संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के पवित्र धाम मणिमहेश झील के दर्शन के लिए कठिन पहाड़ी मार्ग से यात्रा करते हैं। दुर्गम रास्तों और बदलते मौसम को देखते हुए प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था शुरू होने से श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। अब उन्हें यात्रा से पहले प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वेबसाइट के माध्यम से वे अपनी यात्रा की तैयारी पहले से कर सकेंगे और जरूरी जानकारियां भी प्राप्त कर सकेंगे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को अपने साथ दो महत्वपूर्ण दस्तावेज रखने होंगे। इनमें ऑनलाइन पंजीकरण प्रमाण-पत्र और वैध फोटो पहचान-पत्र शामिल हैं। यात्रा मार्ग पर जांच के दौरान इन दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ सकती है, इसलिए श्रद्धालुओं को इन्हें सुरक्षित रखना होगा।
इसके अलावा प्रशासन ने यात्रियों को मौसम और पहाड़ी परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यक सामान साथ रखने की सलाह दी है। श्रद्धालुओं को गर्म कपड़े, रेनकोट, ट्रैकिंग जूते, टार्च, जरूरी दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री अपने साथ रखने के लिए कहा गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक मौसम बदलने की संभावना रहती है, इसलिए यात्रियों को पूरी तैयारी के साथ यात्रा करने की अपील की गई है।
भरमौर प्रशासन ने यात्रा से जुड़े दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। श्रद्धालुओं से कहा गया है कि वे यात्रा मार्ग पर प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा नियमों का पालन करें। साथ ही मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और किसी भी जोखिम वाली स्थिति में प्रशासन तथा सुरक्षा दलों के निर्देशों का पालन करें।
प्रशासन ने स्वच्छता को लेकर भी श्रद्धालुओं से सहयोग मांगा है। मणिमहेश धाम धार्मिक और प्राकृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे में यात्रा के दौरान साफ-सफाई बनाए रखना सभी श्रद्धालुओं की जिम्मेदारी है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे प्लास्टिक और अन्य कचरा खुले में न फेंकें और पवित्र स्थल की गरिमा बनाए रखें।
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी विकास शर्मा ने कहा कि भरमौर प्रशासन श्रद्धालुओं को सुरक्षित और बेहतर यात्रा अनुभव देने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर रहा है। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान सुरक्षा, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत बनाया जा रहा है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे यात्रा से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति की जांच जरूर करवाएं, क्योंकि मणिमहेश यात्रा कठिन पर्वतीय मार्ग से होकर गुजरती है। बुजुर्ग, बच्चे और स्वास्थ्य संबंधी समस्या वाले श्रद्धालु विशेष सावधानी बरतें।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था से जहां यात्रा प्रबंधन बेहतर होगा, वहीं श्रद्धालुओं को भी समय पर जरूरी जानकारी मिल सकेगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि मणिमहेश यात्रा-2026 को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए यादगार बनाया जा सके।