Himachal Pradesh: पर्यटन स्थलों में शून्य से नीचे पहुंचा तापमान, इन जिलों में शीतलहर का Alert
Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में कुदरत ने करवट बदल ली है। आसमान साफ होते ही पहाड़ अब बर्फीली हवाओं और कड़ाके की ठंड की चपेट में हैं। ताबो में पारा गिरकर -6.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है, जिसने जनजीवन को पूरी तरह से ठिठुरा दिया है। ताज़ा हिमपात के बाद अब समूचे प्रदेश में "सूखी ठंड" और शीतलहर का प्रकोप बढ़ता जा रहा है।
मनाली के ऊपरी इलाकों में ठंड का आलम यह है कि सड़कों पर 'ब्लैक आइस' (पाले की खतरनाक परत) जमनी शुरू हो गई है। यह चालकों के लिए जोखिम भरा साबित हो रहा है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने रोहतांग दर्रा को आधिकारिक तौर पर वाहनों के लिए बंद कर दिया है।
नया चेक पोस्ट: सुरक्षा के मद्देनजर मढ़ी स्थित चेक पोस्ट को अब गुलाबा स्थानांतरित कर दिया गया है।
पाबंदी: सैलानियों की गाड़ियों को अब गुलाबा से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। बर्फ की दीदार की चाह रखने वाले पर्यटकों को अब दर्रा खुलने के लिए लंबा इंतज़ार करना होगा।
सिर्फ ताबो ही नहीं, बल्कि कल्पा, कुकुमसेरी, नारकंडा और कुफरी जैसे पर्यटन स्थलों पर भी तापमान शून्य से नीचे (माइनस में) दर्ज किया गया है। राजधानी शिमला में धूप खिली रहने के बावजूद शाम होते ही हाड़ कंपाने वाली ठंड का अहसास हो रहा है।
पहाड़ जहाँ बर्फबारी और ठंड से जूझ रहे हैं, वहीं मैदानी जिले कोहरे की सफेद चादर में लिपटे हुए हैं।
विजिबिलिटी पर असर: सिरमौर, हमीरपुर, मंडी और धर्मशाला में सुबह के समय विजिबिलिटी काफी कम दर्ज की गई।
अगले कुछ दिन: मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 6 जनवरी तक ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा और सोलन जैसे जिलों में घने कोहरे और शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 8 जनवरी तक राज्य में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। हालांकि, 6 जनवरी को ऊंचाई वाले इलाकों में हल्के बादलों की आवाजाही के साथ छिटपुट बर्फबारी की संभावना है। शेष सप्ताह के दौरान मैदानी इलाकों के निवासियों को सुबह-शाम के कोहरे और बढ़ती ठंड से बचकर रहने की सलाह दी गई है।