सोलन। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। बद्दी पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों की आर्थिक गतिविधियों पर शिकंजा कसते हुए बड़ी कार्रवाई की है।

नालागढ़ थाना क्षेत्र में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक मामले की वित्तीय जांच के आधार पर पुलिस ने एक ही परिवार से जुड़े लोगों की करीब 2.08 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति फ्रीज कर दी है।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई नशा तस्करी से जुड़े नेटवर्क को आर्थिक रूप से कमजोर करने के उद्देश्य से की गई है।

वित्तीय जांच के आधार पर हुई कार्रवाई

बद्दी पुलिस ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले की जांच के दौरान आरोपितों की आर्थिक गतिविधियों की भी पड़ताल की गई।

जांच में सामने आई संपत्तियों को आरोपितों और उनके परिवार के सदस्यों से जोड़ा गया। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई की गई।

जमीन, मकान और वाहन शामिल

पुलिस के मुताबिक, फ्रीज की गई संपत्तियों में जमीन, मकान और वाहन शामिल हैं।

इसके अलावा एक गाड़ी और बाइक को भी कार्रवाई के दायरे में लिया गया है। पुलिस ने बताया कि संपत्तियों की पहचान वित्तीय जांच और नशे के कारोबार से जुड़े नेटवर्क की जांच के दौरान की गई।

फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज की जांच

पुलिस ने बताया कि नशा तस्करी के मामलों में केवल आरोपितों तक सीमित जांच नहीं की जाती, बल्कि पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जाता है।

इसी क्रम में फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज की जांच की गई, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नशे के कारोबार से जुड़े लोग किन-किन माध्यमों से जुड़े हुए हैं और उनकी आर्थिक गतिविधियां कैसी हैं।

तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने की रणनीति

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करों के खिलाफ केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी।

तस्करी से अर्जित संपत्ति की पहचान कर उसे जब्त या फ्रीज करने की कार्रवाई भी की जा रही है, ताकि ऐसे लोगों के आर्थिक स्रोतों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

बद्दी पुलिस का अभियान जारी

औद्योगिक क्षेत्र बद्दी और आसपास के इलाकों में नशे के खिलाफ पुलिस लगातार अभियान चला रही है।

पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और अवैध तरीके से अर्जित संपत्तियों की जांच जारी रहेगी।

एनडीपीएस मामलों में सख्ती

नशे से जुड़े मामलों में पुलिस अब आरोपितों की संपत्ति और आर्थिक गतिविधियों पर भी नजर रख रही है।

एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों में वित्तीय जांच को महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है, जिससे नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।

परिवार से जुड़ी संपत्तियों की भी जांच

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान आरोपितों के अलावा उनके परिजनों से जुड़ी संपत्तियों की भी पड़ताल की गई।

यदि किसी संपत्ति का संबंध अवैध गतिविधियों से पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।

आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

बद्दी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

पुलिस की प्राथमिकता नशे की सप्लाई चेन को तोड़ना और इससे जुड़े लोगों पर कानूनी कार्रवाई करना है।

नशे के खिलाफ मजबूत कदम

2.08 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज करने की कार्रवाई को नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे कदमों से नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों पर प्रभावी दबाव बनेगा और अपराध से अर्जित संपत्ति पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

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