Himachal Pradesh: पुलिस ने चिट्टा तस्करी के मामले में उत्तर प्रदेश के बलरामपुर से एक महिला तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला की पहचान आशा देवी के रूप में हुई है। वह फिलहाल वार्ड नंबर 3 सुईभारा डाकघर पिपलागे तहसील भुंतर जिला कुल्लू में रहती है। मूल रूप से नेपाल की रहने वाली है। महिला देश छोड़कर नेपाल भागने की फिराक में थी। लेकिन उससे पहले ही शिमला पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में पता चला है कि अंतरराज्यीय अटवाल और सोनू गिरोह से जुड़ी मुख्य महिला तस्कर आशा देवी सोनू और गीता के साथ मिलकर कुल्लू, मंडी और शिमला जिले में नशा तस्करी का रैकेट चला रही थी।
मामला तब सामने आया जब 3 मार्च 2025 को रामपुर की डिटेक्शन टीम ने सोहल लाल उर्फ सोनू निवासी गांव शालोवा डाकघर तेवन तहसील करसोग जिला मंडी और उसकी पत्नी गीता श्रेष्ठ से 26.68 ग्राम चिट्टा बरामद किया। मामले की जांच करने पर पता चला कि यह अंतरराज्यीय चिट्टा तस्कर गिरोह है। इस मामले में पुलिस अब तक शिमला, मंडी, कुल्लू जिलों से 33 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसमें पंजाब से पाकिस्तान सीमा से सटे क्षेत्र के दो सप्लायर भी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार आशा देवी मूल रूप से नेपाल की रहने वाली है और गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल भाग रही थी। इसके बाद पुलिस टीम ने बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार की मदद से आशा देवी को बलरामपुर में गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला है कि अर्शदीप सिंह अटवाल अपनी पत्नी पूजा रानी अटवाल के साथ मिलकर कई सालों से हिमाचल में चिट्टे की तस्करी कर रहा था।
सोहन लाल उर्फ सोनू और उसकी पत्नियां गीता और आशा देवी इनसे चिट्टे की खरीद-फरोख्त करते थे। ये दोनों पंजाब से महीने में तीन से चार बार सोहन, गीता और आशा देवी को चिट्टे की सप्लाई करते थे। आशा देवी की गिरफ्तारी से कुल्लू जिले में चल रहे सोनू गिरोह के नशे के रैकेट का खात्मा हो गया है। सोनू और अटवाल चिट्टा तस्कर गिरोह के मामले में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बलरामपुर से एक महिला तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला नेपाल भागने की फिराक में थी। यह गिरोह सालों से तीन जिलों में नशे की तस्करी कर रहा था। पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।