कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसमें पहाड़ी से गिरी भारी चट्टानों ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। आनी तहसील के राणाबाग-देवरी सड़क मार्ग पर चलती कार पर अचानक विशाल बोल्डर गिर गए। चट्टानों की चपेट में आने से कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में कार सवार दंपती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी 18 वर्षीय बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई।
जानकारी के अनुसार, हादसा आनी क्षेत्र के करोईगाड़ के पास हुआ। बताया जा रहा है कि कार राणाबाग-देवरी सड़क मार्ग से गुजर रही थी, तभी अचानक पहाड़ी से भारी पत्थर और चट्टानें टूटकर नीचे आ गिरीं। देखते ही देखते विशाल बोल्डर कार पर जा गिरे, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और सड़क से नीचे खाई में जा गिरा।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। इसके बाद पुलिस, प्रशासन और आपदा राहत दल को सूचना दी गई। जिला प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और घायलों को बाहर निकालने का प्रयास किया।
हादसे में जान गंवाने वाले दंपती की पहचान आनी के अमरबाग निवासी डॉ. बृज लाल ठाकुर और उनकी पत्नी सुनीता देवी के रूप में हुई है। डॉ. बृज लाल ठाकुर रामपुर के खनेरी स्थित एक निजी अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत थे। उनकी उम्र करीब 60 वर्ष बताई गई है। वहीं, उनकी पत्नी सुनीता देवी भी इस हादसे में मौत का शिकार हो गईं।
इस दुर्घटना में उनकी 18 वर्षीय बेटी भव्या गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद उसे तत्काल स्थानीय लोगों और राहत दल की मदद से बाहर निकाला गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे आनी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों की टीम उसकी हालत पर नजर बनाए हुए है।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे डीपीसीआर कुल्लू और ग्राम पंचायत करशैगाड़ से सूचना मिली थी कि राणाबाग-देवरी सड़क मार्ग पर पहाड़ी से भारी बोल्डर गिरने के कारण एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और बचाव दल तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुए।
कुल्लू के पुलिस अधीक्षक मदन कौशल ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने के कारण यह दुर्घटना हुई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में यात्रा करने से बचें। साथ ही वाहन चालकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
इस हादसे के बाद पूरे आनी क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने डॉक्टर दंपती की मौत पर दुख जताया है और प्रशासन से पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। लगातार हो रही प्राकृतिक घटनाओं के बीच यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी सड़कों पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए खतरे की ओर इशारा करता है।