भाजपा की राष्ट्रीय टीम में हिमाचल खाली अब मंत्रिमंडल विस्तार से उम्मीद
हिमाचल को नहीं मिली राष्ट्रीय टीम में जगह अब मोदी कैबिनेट पर नजर
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम के ऐलान के बाद हिमाचल प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की टीम में हिमाचल प्रदेश से किसी नेता को स्थान नहीं मिलने के बाद अब प्रदेश भाजपा की निगाहें संभावित मोदी मंत्रिमंडल विस्तार पर टिक गई हैं। राज्य के नेताओं और कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि संगठन में प्रतिनिधित्व नहीं मिलने की भरपाई केंद्रीय मंत्रिमंडल में हो सकती है।
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में कई राज्यों के नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। वसुंधरा राजे और राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी मिली है। महाराष्ट्र समेत कई राज्यों को भी संगठन में प्रतिनिधित्व मिला, लेकिन हिमाचल प्रदेश से किसी नेता को नई राष्ट्रीय टीम में शामिल नहीं किया गया। हिमाचल जैसे छोटे राज्य के लिए राष्ट्रीय संगठन या केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जाता है। राज्य में भाजपा अभी विपक्ष में है और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार को घेर रही है। ऐसे समय में राष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल के किसी चेहरे को बड़ी जिम्मेदारी मिलने से प्रदेश संगठन को भी राजनीतिक मजबूती मिलने की उम्मीद की जा रही है।
सबसे ज्यादा चर्चा हमीरपुर से भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को लेकर है। अनुराग ठाकुर मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा युवा मामले एवं खेल मंत्री रह चुके हैं। इससे पहले उन्होंने वित्त और कॉरपोरेट मामलों के राज्य मंत्री के रूप में भी काम किया था। लंबे संगठनात्मक और संसदीय अनुभव के कारण उनका नाम संभावित मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं में स्वाभाविक रूप से सामने आ रहा है।
अनुराग ठाकुर लगातार हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और राष्ट्रीय राजनीति में भाजपा के प्रमुख हिमाचली चेहरों में शामिल हैं। हालांकि संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में किसे जगह मिलेगी, इस पर पार्टी या केंद्र सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे राजनीतिक अटकल और संभावनाओं के रूप में ही देखा जा रहा है। हिमाचल से भाजपा के पास लोकसभा में मजबूत प्रतिनिधित्व है। हमीरपुर से अनुराग ठाकुर के अलावा मंडी से कंगना रनौत, कांगड़ा से राजीव भारद्वाज और शिमला संसदीय क्षेत्र से सुरेश कुमार कश्यप भाजपा के सांसद हैं। ऐसे में केंद्रीय स्तर पर हिमाचल के प्रतिनिधित्व को लेकर कई राजनीतिक समीकरणों पर नजर रखी जा रही है।
प्रदेश भाजपा के लिए आने वाला समय इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2027 में हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा कांग्रेस से सत्ता वापस लेने की रणनीति पर काम कर रही है। केंद्रीय संगठन या सरकार में प्रदेश के किसी नेता को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने से चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने और क्षेत्रीय तथा सामाजिक समीकरण साधने में मदद मिल सकती है। हिमाचल भाजपा के लिए राष्ट्रीय राजनीति में जेपी नड्डा भी लंबे समय से बड़ा चेहरा रहे हैं। नड्डा केंद्र सरकार में मंत्री रहने के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इसी वजह से हिमाचल के भाजपा कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की मजबूत मौजूदगी की आदत रही है। नई राष्ट्रीय टीम में किसी हिमाचली नेता का नाम नहीं होने से अब केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व को लेकर उम्मीदें और बढ़ गई हैं।
भाजपा में संभावित संगठनात्मक और सरकारी बदलावों को लेकर पिछले कुछ समय से दिल्ली में लगातार राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं। जुलाई में भी पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम और संभावित केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मंथन की खबरें सामने आई थीं। हालांकि अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर होना है। अब हिमाचल की नजर इस बात पर रहेगी कि अगर मोदी मंत्रिमंडल में विस्तार या फेरबदल होता है तो प्रदेश को उसमें जगह मिलती है या नहीं। फिलहाल सबसे प्रमुख चर्चा अनुराग ठाकुर को लेकर है, लेकिन अंतिम तस्वीर आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। नई राष्ट्रीय टीम में हिमाचल की गैरमौजूदगी ने इतना जरूर कर दिया है कि संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर प्रदेश भाजपा की उत्सुकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।