Himachal हिमाचल: किन्नौर के पोवारी क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदारों द्वारा सतलुज नदी में मलबा डालने का गंभीर मामला सामने आया है। यह कृत्य राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के स्पष्ट आदेशों की सीधी अवहेलना है और नदी को प्रदूषित करने के साथ-साथ आसपास के सेब के बगीचों को भी भारी नुकसान पहुंचा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई नया मामला नहीं है, बल्कि पहले भी कई बार यह मुद्दा उठाया जा चुका है, लेकिन निर्माण कंपनियों और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के कारण इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
मलबे से उड़ने वाली धूल और कण आसपास की पंचायतों के सेब के बगीचों को प्रभावित कर रहे हैं, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसके बावजूद स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि इस मुद्दे पर चुप हैं, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है।