Himachal: नशे की समस्या से लड़ने में राज्य सरकार का सहयोग करने का आह्वान किया
Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपने क्षेत्रों में नशे की समस्या को रोकने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों में सक्रिय सहयोग करें। पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की और पिछले दो वर्षों में उनके मानदेय में दो बार वृद्धि करने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य सरकार नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को नशा तस्करों के बारे में संबंधित अधिकारियों के साथ जानकारी साझा करनी चाहिए और युवाओं को नशे के शिकार होने से बचाना चाहिए।’’ सुक्खू ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में पंचायती राज संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा, ‘‘पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने संविधान में ऐतिहासिक 73वें और 74वें संशोधन के माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया था।
इस ऐतिहासिक निर्णय ने महिलाओं को सशक्त बनाया है और राज्य के विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।’’ उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के उत्थान को प्राथमिकता दी है और इस दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा, "सरकार हल्दी के लिए 90 रुपये प्रति किलोग्राम, प्राकृतिक रूप से उगाए गए गेहूं और मक्का के लिए क्रमशः 60 रुपये प्रति किलोग्राम और 40 रुपये प्रति किलोग्राम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) दे रही है।" सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले दो वर्षों में मनरेगा के तहत दैनिक मजदूरी में 80 रुपये की बढ़ोतरी की है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में एक लंबा रास्ता तय करेगी। पीआरआई प्रतिनिधियों ने अपने मानदेय में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी मांगें भी उठाईं, जिन्होंने उन्हें सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।