Shimla.शिमला। प्रदेश में एक लाख लोग ऐसे हैं जो विभिन्न कारणों से स्कूल नहीं जा पाए और अगर गए भी तो उन्हें स्कूल छोड़ना पड़ा। ऐसे लोगों को बुनियादी शिक्षा प्रदान करने या साक्षर बनाने की दिशा में अच्छे परिणाम सामने आए हैं। एक लाख में से तीस हजार लोगों ने अपने दैनिक कार्य करने के लिए पढ़ना-लिखना सीख लिया है। साक्षर लोगों को अब अपना नाम लिखने, हस्ताक्षर करने और सामान्य कार्य करने के लिए सहायता की आवश्यकता नहीं है।

शिक्षा विभाग द्वारा भारत सरकार का नवभारत साक्षरता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। शिक्षा विभाग द्वारा हिमाचल में एक सर्वेक्षण करवाया गया। स्वयंसेवी शिक्षक ऐसे लोगों को पढ़ा रहे हैं। इसके लिए दो बार परीक्षा आयोजित की जा चुकी है। अब तक एक लाख में से 30 हजार ने परीक्षा पास कर ली है। इस वर्ष सितंबर माह में यह परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी।


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