High Court ने अस्पतालों की खराब लिफ्टों पर सरकार से जवाब मांगा

Update: 2026-05-08 13:51 GMT
Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने हाल ही में राज्य के अस्पतालों में खराब लिफ्टों की स्थिति को लेकर सरकार को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि अस्पतालों में लिफ्टों की खराब स्थिति मरीजों और अस्पताल कर्मचारियों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है और यह स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों से पूछा कि इतने बड़े संस्थानों में लिफ्टों की नियमित देखभाल और सुरक्षा जांच क्यों नहीं की जा रही। न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में लिफ्ट का ठप होना मरीजों के जीवन के लिए घातक साबित हो सकता है।
हाई कोर्ट ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि तुरंत लिफ्टों की मरम्मत और रखरखाव का ठोस योजना नहीं बनाई गई तो अदालत सख्त कार्रवाई कर सकती है। कोर्ट ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के साथ सुरक्षा के मुद्दे को कभी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
विशेष रूप से, अदालत ने उल्लेख किया कि कई अस्पतालों में लिफ्टें लंबे समय से खराब पड़ी हुई हैं, और अस्पताल प्रबंधन ने इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। न्यायालय ने यह भी सवाल उठाया कि मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा और जीवन की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अधिकारियों ने क्यों आवश्यक कदम नहीं उठाए।
हाई कोर्ट की फटकार पर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने हाल ही में कुछ लिफ्टों की मरम्मत शुरू की है, लेकिन अदालत ने कहा कि यह पर्याप्त नहीं है। अदालत ने निर्देश दिए कि सभी अस्पतालों में सुरक्षा मानकों के अनुरूप लिफ्टों की नियमित जांच, त्वरित मरम्मत और रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पतालों में लिफ्टें केवल सुविधा का साधन नहीं हैं, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में जीवनरक्षक उपकरण के रूप में भी काम करती हैं। लिफ्टों की खराब स्थिति न केवल मरीजों और बुजुर्गों के लिए जोखिम पैदा करती है, बल्कि डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के कामकाज में भी बाधा डालती है।
स्थानीय नागरिकों ने कोर्ट की फटकार का स्वागत किया और कहा कि अस्पतालों में लिफ्टों की खराब स्थिति लंबे समय से समस्या रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कोर्ट के निर्देश के बाद सरकार इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देगी और अस्पतालों में सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
हिमाचल हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा और तकनीकी दक्षता के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोर्ट ने सरकार से अपील की कि वे मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और सभी लिफ्टों का त्वरित निरीक्षण और मरम्मत सुनिश्चित करें।
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