Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कल बिलासपुर जिले के घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के भराड़ी में अजमेरपुर ग्रीष्मोत्सव के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि त्यौहार क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हैं तथा अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने में सहायक होते हैं। धर्माणी ने कहा कि ऐसे मेले न केवल स्थानीय व्यापारियों और पशुपालकों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं, बल्कि क्षेत्रीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता के भी प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक मेलों और त्यौहारों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि त्यौहार के दौरान कई खेल और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जो आने वाले दिनों में लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगी।
उन्होंने कहा कि भराड़ी में निरंतर विकास हो रहा है। यहां जल शक्ति विभाग का एक उपमंडल खोला गया है और भराड़ी चारों ओर से सड़कों से जुड़ा हुआ है। धर्माणी ने कहा कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में फोमेड डेंस रोड तकनीक की मदद से सड़कों का उन्नयन किया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में किसानों की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए शिवा परियोजना के तहत 1200 करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि लांजता और तलवाड़ा गांवों में प्रदर्शन फार्म बनाए गए हैं और इनसे युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष इन प्रदर्शन फार्मों में 40 टन फलों का उत्पादन किया गया था।
मंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए वर्तमान राज्य बजट में प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा श्रमिकों की दैनिक मजदूरी बढ़ाकर 320 रुपये प्रतिदिन की गई है, जबकि किसानों और पशुपालकों की आर्थिकी को बेहतर बनाने के लिए गाय और भैंस के दूध के समर्थन मूल्य में भी वृद्धि की गई है। उन्होंने किसानों को जैविक खेती अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। धर्माणी ने कहा कि भराड़ी गांव से बड़ा दा घाट तक सोलर लाइटें लगाई जाएंगी और स्थानीय पुलिस स्टेशन के पास तहसील कार्यालय भवन का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने भराड़ी में नागरिक सुविधाओं के लिए धन मुहैया कराने की भी घोषणा की। उन्होंने मेले के दौरान पहली बार आयोजित पशु मेले का उद्घाटन किया और पशुपालकों को नकद पुरस्कार प्रदान किए।