सिरमौर। श्री रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत संगड़ाह उपमंडल के गतलोग क्षेत्र में देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यहां एक बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरा। हादसा इतना भीषण था कि वाहन में सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और पुलिस-प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा देर रात हुआ। बोलेरो वाहन गतलोग क्षेत्र से गुजर रहा था। इसी दौरान किसी कारण से चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और वाहन सड़क से फिसलकर गहरी खाई में जा गिरा। खाई में गिरने के कारण वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों को जैसे ही हादसे की जानकारी मिली, वे तत्काल घटनास्थल की ओर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए।
स्थानीय लोगों ने सबसे पहले खाई में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया। दुर्गम क्षेत्र और गहरी खाई होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर घायलों तक पहुंचने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस और अन्य संबंधित विभागों को घटना की सूचना दी गई।
हादसे में चार लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को स्थानीय लोगों और राहत दलों की मदद से खाई से बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने आवश्यक उपचार शुरू किया। जरूरत पड़ने पर उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थान के लिए रेफर किए जाने की संभावना है।
दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और हादसे की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए आवश्यक जानकारी जुटाई। वाहन के अनियंत्रित होने के पीछे क्या वजह रही, इसकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर वाहन के नियंत्रण से बाहर होकर खाई में गिरने की बात सामने आई है, लेकिन वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पुलिस ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया भी की जा रही है। मृतकों की पहचान और घायलों की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। हादसे की सूचना संबंधित परिवारों तक पहुंचाए जाने के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है।
गतलोग और आसपास का क्षेत्र पहाड़ी एवं दुर्गम भूभाग में स्थित है। यहां कई स्थानों पर सड़कें संकरी हैं और उनके किनारे गहरी खाइयां हैं। ऐसे क्षेत्रों में वाहन चलाते समय थोड़ी सी चूक भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। देर रात का समय होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में भी अतिरिक्त चुनौतियां सामने आईं। अंधेरे में गहरी खाई तक पहुंचना और घायलों को सुरक्षित बाहर निकालना राहत दलों के लिए मुश्किल रहा।
स्थानीय लोगों ने हादसे के बाद क्षेत्र की सड़कों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क किनारे सुरक्षा दीवार, पैरापिट और पर्याप्त संकेतक बेहद जरूरी हैं। जहां सड़क के एक तरफ गहरी खाई हो, वहां सुरक्षा इंतजाम मजबूत होने चाहिए, ताकि वाहन अनियंत्रित होने की स्थिति में खाई में गिरने से बच सकें।
हादसे के बाद प्रशासन की ओर से भी घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है। घायल लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं पुलिस हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। दुर्घटनास्थल से वाहन को बाहर निकालने और सड़क पर यातायात व्यवस्था सामान्य करने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई की गई।
चार लोगों की मौके पर मौत और पांच लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक ही वाहन के गहरी खाई में गिरने से कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतकों के परिवारों में मातम पसरा है, जबकि घायलों के परिजन उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस हादसे की जांच में जुटी है। दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाने के लिए वाहन की स्थिति, सड़क की परिस्थितियों और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी को आधार बनाया जा रहा है। प्रशासन की ओर से घायलों को हरसंभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
गतलोग क्षेत्र में हुआ यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षित यातायात और मजबूत सड़क सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को सामने लाता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।