हिमाचल प्रदेश: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के लिए उनके गृह राजनीतिक क्षेत्र देहरा से बड़ा झटका देने वाली खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री की विधायक पत्नी कमलेश ठाकुर के गृह विधानसभा क्षेत्र देहरा में पंचायत समिति अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज कर कांग्रेस को पीछे छोड़ दिया है। पंचायत समिति चुनाव के नतीजों को क्षेत्रीय राजनीति में काफी अहम माना जा रहा है।

देहरा पंचायत समिति के 23 सदस्यीय सदन में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने स्पष्ट बहुमत हासिल करते हुए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर कब्जा जमा लिया। अध्यक्ष पद पर हार वार्ड से निर्वाचित विनोद बाबू विजयी रहे, जबकि मयोल वार्ड की सदस्य रूबीना चौधरी ने उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। दोनों भाजपा उम्मीदवारों को चुनाव में 15-15 मत प्राप्त हुए, जबकि कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार बहुमत हासिल करने में नाकाम रहे।

यह चुनाव मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का विषय माना जा रहा था। साल 2024 में हुए विधानसभा उपचुनाव के बाद कमलेश ठाकुर देहरा से विधायक चुनी गई थीं। ऐसे में उनके गृह क्षेत्र में पंचायत समिति पर कब्जा बनाए रखना कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण था। लेकिन भाजपा ने अपनी रणनीति के दम पर यहां बढ़त हासिल कर ली।

पंचायत समिति अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव से पहले भी राजनीतिक हलचल तेज रही थी। 31 मई को पंचायत समिति चुनाव के परिणाम घोषित किए गए थे। इसके बाद नौ जुलाई को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए बैठक बुलाई गई थी, लेकिन उस समय पर्याप्त सदस्य उपस्थित नहीं हो सके थे। कोरम पूरा करने के लिए 16 सदस्यों की जरूरत थी, जबकि बैठक में केवल 15 सदस्य ही पहुंच पाए थे। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।

बुधवार को हुई बैठक में भाजपा ने पूरी तैयारी के साथ चुनाव मैदान में उतरते हुए जीत हासिल की। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव से पहले रणनीति तैयार की थी। पूर्व मंत्री और जसवां-परागपुर विधायक बिक्रम ठाकुर तथा गगरेट के पूर्व विधायक राजेश ठाकुर ने निर्वाचित सदस्यों के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति बनाई।

भाजपा के पदाधिकारी सुबह से ही सक्रिय नजर आए और सभी सदस्यों को एकजुट कर बीडीओ कार्यालय स्थित सभागार तक पहुंचाया गया। दूसरी ओर कांग्रेस खेमे में वैसी सक्रियता देखने को नहीं मिली। कांग्रेस समर्थित सदस्य देरी से पहुंचे और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता चुनावी प्रक्रिया के दौरान मौजूद नहीं दिखे।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि देहरा पंचायत समिति चुनाव का परिणाम आने वाले समय में क्षेत्र की स्थानीय राजनीति को प्रभावित कर सकता है। मुख्यमंत्री की पत्नी के विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की यह जीत कांग्रेस संगठन के लिए चिंता का विषय मानी जा रही है। पंचायत स्तर पर मिली इस सफलता से भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है, जबकि कांग्रेस को अपनी रणनीति और संगठनात्मक मजबूती पर विचार करना पड़ सकता है।

भाजपा नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम ठाकुर ने इस जीत को कांग्रेस के खिलाफ जनता के रुख का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि देहरा पंचायत समिति चुनाव में भाजपा की जीत से साफ है कि कांग्रेस की लोकप्रियता कम हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार और संगठन की नीतियों से जनता नाराज है, जिसका असर चुनाव परिणामों में दिखाई दिया है।

वहीं, कांग्रेस के लिए यह हार इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि देहरा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर का विधानसभा क्षेत्र है। ऐसे में पार्टी को आने वाले दिनों में स्थानीय स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए नए सिरे से रणनीति बनानी होगी।

देहरा पंचायत समिति चुनाव का यह परिणाम हिमाचल की राजनीति में एक स्थानीय चुनाव होने के बावजूद चर्चा का विषय बन गया है। भाजपा इसे अपनी संगठनात्मक ताकत और जनता के समर्थन के रूप में देख रही है, जबकि कांग्रेस के सामने अपने गढ़ में मिली इस हार के कारणों की समीक्षा करने की चुनौती खड़ी हो गई है।

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