नूरपुर। अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्र में ड्रग माफिया के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नूरपुर पुलिस जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने बुधवार को इंदौरा उपमंडल के डमटाल क्षेत्र में ड्रग तस्करी के एक कथित आरोपी द्वारा सरकारी जमीन पर बनाए गए अवैध मकान को ध्वस्त कर दिया।

अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ की गई। प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस की सहायता से अवैध निर्माण को हटाया। बताया गया कि मकान को किसी मशीनरी की मदद के बिना हाथ से ही तोड़ा गया।

पुलिस के मुताबिक, डमटाल निवासी शशि कुमार पुत्र गुरदयाल सिंह पर आरोप है कि उसने सरकारी जमीन पर कब्जा कर वहां पक्का मकान बना लिया था। पुलिस द्वारा ड्रग तस्करी से जुड़े मामलों की जांच के दौरान इस अवैध कब्जे की जानकारी सामने आई, जिसके बाद मामले को राजस्व विभाग के संज्ञान में लाया गया।

पुलिस ने राजस्व विभाग को सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण की जानकारी दी। इसके बाद राजस्व अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की और संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद असिस्टेंट कलेक्टर ने हिमाचल प्रदेश भूमि राजस्व अधिनियम, 1954 की धारा 163 के तहत बेदखली वारंट जारी किया।

बेदखली वारंट जारी होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की मौजूदगी में अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराध से जुड़े अवैध लाभ और संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों द्वारा किए गए अवैध निर्माण और कब्जों की जांच की जा रही है।

डमटाल क्षेत्र हिमाचल प्रदेश और पंजाब सीमा के नजदीक स्थित है और अंतरराज्यीय आवाजाही के कारण इसे संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। पुलिस लंबे समय से इस इलाके में नशीले पदार्थों की तस्करी पर निगरानी रख रही है। अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय ड्रग नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में किसी व्यक्ति द्वारा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि ड्रग तस्करी से जुड़े लोगों पर आर्थिक और कानूनी दबाव बनाने के लिए ऐसी कार्रवाई महत्वपूर्ण है। इससे अपराधियों को यह संदेश जाता है कि अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्ति या सुविधाओं को बचाया नहीं जा सकेगा।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि वे नशे के कारोबार से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस या संबंधित विभागों को दें। अधिकारियों का कहना है कि आम जनता के सहयोग से ही नशे के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाया जा सकता है।

इस कार्रवाई को नूरपुर पुलिस और प्रशासन की ओर से ड्रग तस्करी के खिलाफ सख्त कदम के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में जांच के आधार पर कार्रवाई जारी रहेगी।

पुलिस और प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और युवाओं को नशे के खतरे से बचाने के लिए ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे। सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के साथ-साथ नशे के नेटवर्क पर प्रहार करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।

डमटाल में हुई इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और आगे भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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