Sonipat: सोनीपत में प्राकृतिक खेती को लेकर किसानों को जागरूक किया
प्राकृतिक खेती से बदलेगी किसानों की आर्थिक तस्वीर
सोनीपत: किसानों को रासायनिक खेती के विकल्प के रूप में प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र सोनीपत की ओर से ठरू गांव में किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम गुरुवार को आयोजित किया गया। कार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीक, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, जैविक संसाधनों के उपयोग और कम लागत में खेती करने की जानकारी दी गई।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार से संबद्ध कृषि विज्ञान केंद्र सोनीपत ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोधपुर के सहयोग से यह प्रशिक्षण आयोजित किया।
कृषि विशेषज्ञ डॉ. परमिंदर ने बताया कि प्राकृतिक खेती में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल किया जाता है। इससे मिट्टी की गुणवत्ता और जैव विविधता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। किसानों को प्राकृतिक खेती की व्यावहारिक तकनीकों और फसल प्रबंधन के बारे में भी जानकारी दी गई।
ठरू गांव की सरपंच सरोज बाला ने कहा कि किसानों को ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ उठाना चाहिए। गांव स्तर पर भी किसानों को प्राकृतिक खेती की नई तकनीकों से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। स्वस्थ मिट्टी, स्वच्छ पर्यावरण और किसानों की बेहतर आय के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना जरूरी है।
भाजपा सोनीपत जिला महामंत्री नीरज कुमार ठरू ने कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों के लिए टिकाऊ खेती का बेहतर विकल्प बन सकती है। भाजपा सोनीपत किसान मोर्चा के नेता अजय भटाना ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती की लागत कम करना जरूरी है। प्राकृतिक खेती इस दिशा में महत्वपूर्ण विकल्प बन सकती है। किसानों को प्रशिक्षण के जरिए इसका व्यावहारिक ज्ञान देना चाहिए।
कार्यक्रम में क्षेत्र के किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और प्राकृतिक खेती अपनाने का संकल्प लिया।