सोनीपत: लघु सचिवालय के सभागार में राष्ट्रीय जल भू-मानचित्रण, प्रबंधन योजना एवं आंकड़ा प्रसार विषय पर कार्यशाला गुरुवार को आयोजित की गई। अतिरिक्त उपायुक्त अजय चोपड़ा की अध्यक्षता में हुई कार्यशाला में भूजल संरक्षण, रिचार्ज बढ़ाने और जल गुणवत्ता सुधारने को लेकर अधिकारियों को जरूरी जानकारी दी गई। कार्यशाला का आयोजन केंद्रीय भूमि जल बोर्ड, उत्तर पश्चिमी क्षेत्र, चंडीगढ़ की ओर से किया गया।

वैज्ञानिक सुधांशु बाजपेयी, किरण लाले और सुवीता ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से भूजल के महत्व, मौजूदा चुनौतियों और इसके संरक्षण से जुड़े उपायों की जानकारी दी। वैज्ञानिक सुधांशु बाजपेयी ने बताया कि भूजल का रिचार्ज कम होने और लगातार अधिक दोहन से आने वाले समय में जल उपलब्धता की गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है।

सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पानी की बचत वाली आधुनिक तकनीक अपनाने और सिंचाई के तरीकों में जरूरी बदलाव करने की जानकारी दी गई। वहीं, भूजल की गुणवत्ता पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को नाइट्रेट, फ्लोराइड, यूरेनियम और आर्सेनिक सहित अन्य प्रदूषकों से होने वाली समस्याओं के बारे में बताया गया। जल स्रोतों के संरक्षण और भूजल की नियमित निगरानी पर जोर दिया गया।

अतिरिक्त उपायुक्त अजय चोपड़ा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यशाला में मिली जानकारी के अनुसार अपने-अपने विभागों में जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि भूजल से जुड़ी समस्या होने पर संबंधित विभाग से समन्वय किया जाए। साथ ही पोर्टल पर आंकड़े समय पर अपडेट करने के निर्देश दिए, ताकि सही और अद्यतन जानकारी उपलब्ध रहे।

इस दौरान डीडीपीओ मनीष मलिक, जिला सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के कार्यकारी अभियंता नितिन भट्ट, जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता गौतम कुमार, सभी बीडीपीओ और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

Tags: