सोनीपत: गन्नौर के डबरपुर गांव में करीब दो एकड़ में स्थापित बायोमास पेलेट प्लांट का केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी और विधायक देवेंद्र कादियान ने मंगलवार को उद्घाटन किया। दोनों ने रिबन काटने के बाद प्लांट का निरीक्षण किया। यहां पराली, तूड़ी, कपास के अवशेष और गन्ने की पत्तियों से बायोमास पेलेट तैयार किए जाएंगे। इनका इस्तेमाल ताप विद्युत संयंत्रों में कोयले के साथ किया जाएगा। इससे पराली जलाने की घटनाओं के साथ प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि कृषि अवशेष अब कचरा नहीं, बल्कि किसानों की आय का जरिया बन सकते हैं। किसान पराली और तूड़ी प्लांट को बेचकर अतिरिक्त आमदनी कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में अहम कदम है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और देश में नवीकरणीय ऊर्जा को मजबूती मिलेगी।

रेड्डी ने कहा कि देश में बिजली उत्पादन में ताप विद्युत की बड़ी भूमिका है। बारिश के दौरान कोयला उत्पादन प्रभावित होने पर बिजली आपूर्ति पर दबाव बढ़ता है। ऐसे में बायोमास जैसे वैकल्पिक ईंधन ऊर्जा सुरक्षा के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। उन्होंने युवाओं से नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनने का प्रयास करने की अपील की।

विधायक देवेंद्र कादियान ने बताया कि प्लांट में प्रतिदिन करीब 50 टन बायोमास पेलेट तैयार करने की क्षमता है। कृषि अवशेषों का उपयोग होने से खेतों में पराली जलाने की घटनाएं घटेंगी और किसानों को अतिरिक्त आय मिलेगी। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

प्लांट के प्रबंध निदेशक दिक्षीत रेड्डी ने केंद्रीय मंत्री और विधायक का स्वागत किया। कार्यक्रम में जिला पार्षद सतीश गुलिया, डबरपुर के सरपंच सुनील कुमार, सिटावली के सरपंच नरेंद्र, पवन माहरा, पूर्व सरपंच कुलदीप, ब्लॉक समिति सदस्य राजेश, मनिंदर सन्नी, यशपाल बाबा, आनंद मलिक, बंटी पहलवान और पुरखास राठी के सरपंच प्रतिनिधि सुनील जांगड़ा आदि शामिल रहे।

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