Haryana ने विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए बॉन्ड नीति बनाने की प्रक्रिया शुरू की

Update: 2026-03-17 05:46 GMT

हरियाणा Haryana: हरियाणा सरकार ने सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों (स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स) की कमी को दूर करने के लिए उनके लिए एक नई बॉन्ड नीति (बॉन्ड पॉलिसी) बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्य विवरण (17 मार्च 2026 तक की जानकारी): स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन: चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय (DMER) हरियाणा ने पंचकूला में 17 मार्च को स्टेकहोल्डर्स (हितधारकों) की एक बैठक बुलाई है, जिसमें प्रस्तावित बॉन्ड नीति पर चर्चा की जाएगी।

प्रक्रिया में शामिल लोग: बैठक में पं. बी.डी. शर्मा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, रोहतक के डीन, सरकारी मेडिकल और डेंटल इंटर्नशिप के डायरेक्टरों को एमबीबीएस/बीडीएस इंटर्न, पीजी छात्रों और अन्य विभागों के एडमिट को भेजने के लिए कहा गया है। नीति का उद्देश्य: काउंसलिंग (PG) पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए सरकारी सेवा (गवर्नमेंट सर्विस) का विकल्प अनिवार्य बनाना, ताकि ग्रामीण और कम सेवा वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा सके।

वर्तमान स्थिति: यह नई प्रक्रिया चल रही है 'सर्विस इंसेंटिव बॉन्ड पॉलिटिक्स' विवाद के बीच शुरू की गई है, जो ग्रेजुएट (UG) मेडिकल छात्रों के लिए पहले से ही लागू है। पृष्ठभूमि: इससे पहले हरियाणा सरकार ने 2022 में MBBS छात्रों के लिए बॉन्ड पॉलिस में संशोधन किया था, जिसके तहत 7 साल की सेवा को घटाकर 5 साल और जुर्माना राशि को 40 लाख रुपये से घटाकर 30 लाख रुपये (कुल सालाना फीस) किया गया था। अब सरकार PG (स्पेशलिस्ट) डॉक्टरों के लिए भी ऐसी ही नीति लाने की दिशा में बढ़ रही है

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