हरियाणा Haryana : जिले में बड़े किसानों द्वारा डीएपी खाद के भंडारण की शिकायतों के बाद उपायुक्त मनोज कुमार ने सोमवार को इस पर कड़ा संज्ञान लिया और सभी प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) और निजी डीलरों को किसानों के बीच डीएपी खाद का उचित वितरण करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने दावा किया कि जिले में डीएपी की कोई कमी नहीं है। जिले में अब तक कुल 14,000 मीट्रिक टन मांग के मुकाबले कुल 9,400 मीट्रिक टन डीएपी आ चुकी है। उन्होंने निजी डीलरों को चेतावनी भी दी कि अगर उन्होंने किसानों को डीएपी के साथ जबरन कीटनाशक और बीज दिए तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कुमार ने सोमवार को जिले में बुवाई सीजन के मद्देनजर डीएपी की आपूर्ति के संबंध में सभी निजी डीलरों, पैक्स संचालकों, कृषि विभाग के अधिकारियों, इफ्को और कृभको और उर्वरक वितरण से जुड़ी सभी अन्य एजेंसी संचालकों के साथ बैठक की। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि पांच एकड़ तक के छोटे किसानों को शत-प्रतिशत डीएपी खाद उपलब्ध करवाई जाए, 10 एकड़ तक के किसानों को कुल मांग का 75 प्रतिशत तथा बड़े किसानों को कुल मांग का 50 प्रतिशत खाद उपलब्ध करवाई जाए।जिला में डीएपी खाद की कमी के बारे में किसानों की ओर से मिली शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया है।
डीसी ने बताया कि बड़े किसान डीएपी का स्टॉक कर रहे हैं, जबकि छोटे किसान इसके लिए दर-दर भटक रहे हैं। डीसी ने बताया कि कई स्थानों से शिकायतें मिली हैं कि निजी डीलर किसानों को डीएपी के साथ जबरन कीटनाशक व बीज बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई (निजी डीलर) ऐसा करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।बैठक के दौरान यह भी बात सामने आई कि कुछ पैक्स संचालकों ने समय पर खाद की मांग नहीं भेजी, जिसके कारण कुल 34 पैक्स में से केवल 14 पैक्स को ही वितरण के लिए स्टॉक मिल पाया। उपायुक्त ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र के सभी पैक्स संचालकों के साथ बैठक करें तथा निगरानी रखें। यदि कोई पैक्स ठीक से काम नहीं कर रही है तो संबंधित पैक्स संचालक मंडल को भंग कर नए सिरे से गठन किया जाए। उन्होंने हैफेड व कृभको के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिले में डीएपी के स्टॉक की निरंतर जांच करें।