चंडीगढ़ : हरियाणा में नगर पालिका कर्मचारी संघ और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन ने प्रदेश सरकार के खिलाफ अपना आंदोलन और तेज कर दिया है। दोनों कर्मचारी संगठनों ने सरकार पर समझौते में किए गए वादों को लागू नहीं करने का आरोप लगाते हुए राज्यव्यापी हड़ताल की अवधि तीन दिन और बढ़ाने का फैसला किया है। पहले चरण में छह अगस्त से शुरू हुई हड़ताल को नौ अगस्त तक चलाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 11 अगस्त तक कर दिया गया है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार ने 13 मई 2026 को हुई वार्ता के दौरान कई मांगों पर सहमति जताई थी, लेकिन उन्हें लागू करने की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। यूनियनों ने इसे वादाखिलाफी बताते हुए स्पष्ट किया है कि कर्मचारी सरकार के इस रवैये को स्वीकार नहीं करेंगे। दोनों संगठनों ने कहा कि जब तक सहमति बनी मांगों को लागू करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने बताया कि सरकार और संघ के बीच 13 मई को हुई बैठक में कर्मचारियों की कुल 22 मांगों पर चर्चा हुई थी। इनमें से 17 मांगों पर सरकार की ओर से सहमति जताई गई थी। कर्मचारी नेताओं के अनुसार इन मांगों में कच्चे और अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करना प्रमुख था। इसके अलावा नगरपालिका रोल पर कार्यरत दैनिक वेतन कर्मचारियों को नियमित करने और अग्निशमन विभाग में कार्यरत अनुबंध कर्मचारियों को विभाग के रोल पर लेने की मांग भी शामिल थी।
कर्मचारियों की अन्य प्रमुख मांगों में सफाई और सीवर व्यवस्था से ठेका प्रथा समाप्त करना, कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन उपलब्ध कराना, ईएसआई और ईपीएफ का लाभ देना, वर्दी भत्ता तथा जोखिम भत्ता देना शामिल था। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि इन मुद्दों पर सरकार ने सहमति तो जताई थी, लेकिन अब उन्हें लागू करने में देरी की जा रही है।
दोनों यूनियनों ने आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए 10 अगस्त को जिला उपायुक्तों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने का फैसला भी किया है। इसमें करनाल के वीरु वाल्मीकि हत्याकांड के आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग प्रमुख रूप से उठाई जाएगी। कर्मचारी नेताओं ने मृतक के आश्रितों को आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की है।
इसके अलावा कर्मचारी संगठनों ने ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों की ओर से चलाए जा रहे जेल भरो आंदोलन को भी अपना समर्थन देने की घोषणा की है। दोनों यूनियनों ने बिजली विभाग की यूनियनों की ज्वाइंट एक्शन कमेटी की ओर से 11 अगस्त से प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल को भी समर्थन देने की बात कही है। इससे आने वाले दिनों में प्रदेश में कर्मचारी संगठनों के आंदोलन के और व्यापक होने की संभावना है।
कर्मचारी नेताओं ने फरीदाबाद अग्निकांड में शहीद हुए कर्मचारियों के परिजनों से जुड़े मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया है। नगरपालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री, महासचिव मांगेराम तिगरा, हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के राज्य प्रधान राजेंद्र सिन्द और महासचिव गुलशन भारद्वाज ने संयुक्त रूप से सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
कर्मचारी नेताओं के अनुसार फरीदाबाद अग्निकांड में जान गंवाने वाले कर्मचारी भवीचंद और रणबीर के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने पर सरकार ने सहमति जताई थी। साथ ही दोनों शहीद कर्मचारियों के आश्रितों को नियमित सरकारी नौकरी देने का आश्वासन भी दिया गया था। कर्मचारी संगठन अब इन मांगों को भी जल्द लागू करने की मांग कर रहे हैं।
इसके अलावा सफाई और सीवर कर्मचारियों के लिए नए पद सृजित करने तथा खाली पदों पर नियमित भर्ती करने की मांग भी कर्मचारी संगठनों की ओर से उठाई गई है। उनका कहना है कि प्रदेश में सफाई और सीवर व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों पर काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन स्थायी भर्ती नहीं होने के कारण कर्मचारियों की समस्याएं बनी हुई हैं।
कर्मचारी नेताओं के मुताबिक पांच अगस्त को सरकार के साथ हुई बैठक में 13 मई के समझौते के अनुसार मांगों को लागू करने के बजाय नियमितीकरण के मुद्दे पर कानून और वित्त विभाग की सहमति लेने के नाम पर और समय मांगा गया। यूनियनों ने सरकार के इस रवैये पर नाराजगी जताते हुए हड़ताल को 11 अगस्त तक बढ़ाने का निर्णय लिया।
अब दोनों कर्मचारी संगठनों ने सरकार से 13 मई के समझौते को लागू करने और कर्मचारियों की लंबित मांगों पर जल्द फैसला लेने की मांग की है। यूनियनों का कहना है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में हरियाणा में नगर पालिका और अग्निशमन सेवाओं पर कर्मचारी आंदोलन का असर देखने को मिल सकता है।