हिसार: गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के पास बरवाला चुंगी पर मंगलवार को किलोमीटर स्कीम की बस की चपेट में आने से गंभीर घायल हुई विश्वविद्यालय की छात्रा विजेता की हालत गंभीर बनी हुई है। शहर के एक निजी अस्पताल में छात्रा का वेंटिलेटर पर उपचार चल रहा है। हादसे के विरोध में और छात्रा के उपचार पर होने वाले खर्च की मांग को लेकर गुरुवार को विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बस स्टैंड का मुख्य गेट बंद करके प्रदर्शन किया और रोडवेज व्यवस्था को लेकर रोष जताया। विद्यार्थियों के प्रदर्शन की वजह से बाहर से आने वाली बसों को बस अड्डे के अंदर प्रवेश करने में परेशानी हुई, वहीं यात्रियों को भी इधर-उधर जाने में परेशानी झेलनी पड़ी।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने मांग की कि विश्वविद्यालय के बाहर स्थायी बस स्टॉप बनाया जाए, हादसे के जिम्मेदार बस चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाए और घायल छात्रा के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए। विद्यार्थियों ने कहा कि गुजवि के बाहर पहले भी इस तरह के हादसे हो चुके हैं। विद्यार्थियों को सड़क पर ही बसों से उतरना पड़ता है। ऐसे में विश्वविद्यालय के बाहर स्थायी बस स्टॉप बनाया जाना जरूरी है।

काफी देर नारेबाजी व प्रदर्शन के बाद छात्र-छात्राओं ने रोडवेज महाप्रबंधक से मुलाकात करके अपनी मांगें रखीं। महाप्रबंधक ने विद्यार्थियों के सामने ही रोहतक डिपो महाप्रबंधक से बातचीत करके उक्त चालक व परिचालक पर कार्रवाई करने को कहा। इसके साथ ही जीएम ने आश्वासन दिया कि गुजवि के बाहर स्टॉप बनाने, कर्मचारियों की नियुक्ति करने सहित हिसार डिपो स्तर की मांगें पूरी कर दी जाएंगी।

संतुष्ट नहीं हुए विद्यार्थी

इसके बावजूद उग्र विद्यार्थी नहीं माने और उन्होंने रोडवेज बस अड्डे का मुख्य द्वार नहीं खोला। वे जाम लगाकर लगातार नारेबाजी करते रहे और मांग की कि घायल छात्रा के इलाज पर होने वाला खर्च दिया जाए। रोडवेज अधिकारियों ने कहा कि वे यह मांग अपने स्तर पर नहीं कर सकते, बल्कि सरकार व उच्चाधिकारियों को लिखकर अनुशंसा कर सकते हैं। इससे विद्यार्थी संतुष्ट नहीं हुए और गेट बंद करके नारेबाजी जारी रखी।

टीएम ने की बस मालिक से बात

बाद में मौके पर पहुंचे यातायात प्रबंधक प्रीतम कुमार ने प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों को समझाया और रोहतक में रोडवेज अधिकारियों की मार्फत किलोमीटर स्कीम के मालिक से बात करके उसे मांग से अवगत करवाया। टीएम के प्रयासों से किलोमीटर स्कीम की बस के मालिक ने घायल छात्रा के इलाज पर होने वाला खर्च देने की बात कही। इसके साथ ही टीएम ने बस मालिक को निर्देश दिए कि वे आरोपी चालक को तुरंत नौकरी से हटाएं।

टीएम ने विद्यार्थियों को आश्वासन दिया कि रोडवेज की तरफ से जो काम किया जाना है, वह पूरा किया जाएगा और जो आपराधिक मामला बना है, उस पर पुलिस कार्रवाई करेगी। इस पर प्रदर्शनकारी विद्यार्थी संतुष्ट हुए और गेट खोल दिया। बस अड्डे का गेट खुलने के बाद ही आवागमन सुचारू हुआ और बसें व पैदल यात्री इधर-उधर आना-जाना शुरू हुए।

मंगलवार को हुआ था हादसा

ज्ञात रहे कि मंगलवार को सोनीपत निवासी विजेता रोहतक डिपो की किलोमीटर योजना के तहत चल रही बस से बरवाला चुंगी पर उतरी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस से उतरने के बाद छात्रा आगे जाने लगी। इसी दौरान चालक ने बस को मोड़ना शुरू कर दिया और छात्रा बस के पिछले टायरों के नीचे आ गई। हादसे में उसके शरीर का आधा हिस्सा टायरों के नीचे दब गया।

हादसे के बाद चालक और परिचालक बस को मौके पर छोड़कर चले गए। छात्रा करीब 10 मिनट तक टायरों के नीचे दबी रही। यात्रियों ने पुलिस को सूचना देने के साथ उसे निकालने का प्रयास किया। इसी दौरान एक व्यक्ति बस में चढ़ा और बस को पीछे किया, जिसके बाद छात्रा को बाहर निकाला जा सका। उस समय वह बेहोश हो चुकी थी।

छात्रा को नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिचित उसे निजी अस्पताल ले गए, जहां उसका वेंटिलेटर पर उपचार चल रहा है। छात्रा विजेता जीजेयू के मनोविज्ञान विभाग में द्वितीय वर्ष की छात्रा है।

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