हरियाणा : गुरुग्राम में भारी बारिश के बाद हुए जलभराव ने एक बार फिर शहर की तैयारियों और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़कों पर पानी भरने, लंबे जाम और लोगों की परेशानी के बीच अब इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के दो सांसदों ने गुरुग्राम की समस्या को लेकर अलग-अलग तर्क दिए हैं। एक सांसद ने 2047 तक समाधान की बात कही, जबकि दूसरे ने इसके लिए कांग्रेस शासनकाल के विकास मॉडल को जिम्मेदार ठहराया।
2047 तक सुधरेगा गुरुग्राम- सांसद धर्मबीर सिंह
गुरुग्राम में जलभराव को लेकर भिवानी-महेंद्रगढ़ से बीजेपी सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा कि शहर की मौजूदा समस्याओं की वजह कई दशक पहले की प्लानिंग में कमी रही है। उन्होंने कहा कि जिस तेजी से गुरुग्राम का विस्तार हुआ, उसके हिसाब से पहले बुनियादी ढांचे की योजना नहीं बनाई गई थी।
सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा कि गुरुग्राम अब एक बड़ा शहर बन चुका है, जहां लाखों लोग रहते हैं और बड़ी संख्या में वाहन चलते हैं। पुराने ड्रेनेज सिस्टम पर बढ़ते निर्माण और अतिक्रमण के कारण पानी निकासी की समस्या बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान पर काम किया जा रहा है और 2047 तक गुरुग्राम की समस्याओं का समाधान हो जाएगा। उनके इस बयान के बाद विपक्ष ने सवाल उठाते हुए कहा कि लोगों को वर्तमान की परेशानी का समाधान चाहिए, भविष्य का इंतजार नहीं।
राव इंद्रजीत सिंह ने कांग्रेस को ठहराया जिम्मेदार
गुरुग्राम से बीजेपी सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने शहर में जलभराव की समस्या के लिए कांग्रेस शासनकाल में हुए विकास कार्यों को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि पुराने प्राकृतिक नालों और पानी निकासी के रास्तों पर निर्माण होने से आज परेशानी बढ़ रही है।
राव इंद्रजीत सिंह ने सुझाव दिया कि पुराने नालों के रास्तों को ध्यान में रखते हुए अंडरग्राउंड सुरंग जैसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, ताकि बारिश के पानी की निकासी बेहतर तरीके से हो सके।
हर साल बारिश में क्यों डूबता है गुरुग्राम?
देश के बड़े कॉरपोरेट हब में शामिल गुरुग्राम में हर साल मानसून के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है। कई इलाकों में कुछ घंटों की तेज बारिश के बाद सड़कें तालाब में बदल जाती हैं।
शहर के कई प्रमुख इलाकों जैसे गोल्फ कोर्स रोड, IFFCO चौक और आसपास के क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ट्रैफिक जाम के कारण घंटों तक वाहन फंसे रहते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के मुकाबले ड्रेनेज सिस्टम को समय पर मजबूत नहीं किया गया। इसके अलावा प्राकृतिक जल निकासी वाले क्षेत्रों में निर्माण भी बड़ी वजह माना जाता है।
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
गुरुग्राम में जलभराव को लेकर विपक्षी दलों ने बीजेपी सरकार पर हमला बोला है। विपक्ष का कहना है कि हरियाणा में लंबे समय से बीजेपी की सरकार है, ऐसे में पुरानी सरकारों को जिम्मेदार ठहराने के बजाय मौजूदा व्यवस्था को सुधारने की जरूरत है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि गुरुग्राम को ग्लोबल सिटी के रूप में पेश किया जाता है, लेकिन बारिश के समय बुनियादी सुविधाओं की कमी साफ दिखाई देती है।
विकास और योजना पर फिर उठे सवाल
गुरुग्राम की स्थिति ने एक बार फिर शहरी विकास की योजनाओं पर बहस शुरू कर दी है। देश की बड़ी कंपनियों और आईटी सेक्टर का केंद्र होने के बावजूद जलभराव जैसी समस्याएं शहर की छवि को प्रभावित करती हैं।
लोगों का कहना है कि केवल भविष्य की योजनाओं की बात करने के बजाय वर्तमान में ड्रेनेज व्यवस्था, सड़क निर्माण और जल निकासी पर तेजी से काम करने की जरूरत है।
फिलहाल गुरुग्राम की बारिश और जलभराव को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। जहां बीजेपी सांसद अलग-अलग कारणों को जिम्मेदार बता रहे हैं, वहीं विपक्ष सरकार से तत्काल समाधान की मांग कर रहा है।