चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पार्टी पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया। हरियाणा निवास में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सैनी ने कहा कि कांग्रेस ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को दरकिनार कर दलितों और समाज के अन्य वंचित वर्गों का अपमान किया है।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि चरणजीत सिंह चन्नी ने पंजाब कांग्रेस के लिए मुश्किल समय में मजबूती से काम किया और पार्टी के साथ खड़े रहे, लेकिन अब कांग्रेस में ही उन्हें उचित महत्व नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी नेता को उसके सामाजिक पृष्ठभूमि के आधार पर आगे बढ़ाना या बाद में नजरअंदाज करना कांग्रेस की राजनीति को दर्शाता है।
सैनी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लंबे समय से वोट बैंक की राजनीति करती रही है और चुनावों के समय दलितों, पिछड़ों तथा वंचित वर्गों की बात करती है, लेकिन जब उन्हें सम्मान और नेतृत्व देने का समय आता है तो पार्टी पीछे हट जाती है। उन्होंने कहा कि चन्नी को लेकर कांग्रेस का रवैया इसी दोहरे मापदंड को दिखाता है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि दलित और कमजोर वर्ग समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उन्हें केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है कि वह समाज के सभी वर्गों को समान सम्मान और अवसर दे। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी ने अपने ही एक दलित नेता के साथ उचित व्यवहार नहीं किया।
पत्रकारों से बातचीत में सैनी ने कहा, "एक तरह से कांग्रेस ने दलितों और समाज के अन्य वंचित वर्गों का अपमान किया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।" उन्होंने कहा कि चन्नी ने पार्टी के लिए कई जिम्मेदारियां निभाईं, लेकिन अब कांग्रेस नेतृत्व द्वारा उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की राजनीति सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के सिद्धांत पर आधारित है। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकारों ने गरीबों, दलितों, पिछड़ों और कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए कई योजनाएं लागू की हैं।
सैनी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि केवल चुनाव के समय किसी वर्ग के हितों की बात करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि वास्तविक सम्मान तभी है जब समाज के सभी वर्गों को निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी मिले। उन्होंने भाजपा को ऐसी पार्टी बताया जो सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने के लिए काम करती है।
चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के पहले दलित मुख्यमंत्री रहे हैं। कांग्रेस ने वर्ष 2021 में उन्हें पंजाब का मुख्यमंत्री बनाया था। हालांकि, विधानसभा चुनाव 2022 में कांग्रेस को सत्ता से बाहर होना पड़ा। इसके बाद से पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व और संगठन को लेकर लगातार बदलाव और चर्चाएं होती रही हैं।
मुख्यमंत्री सैनी का यह बयान ऐसे समय आया है जब देशभर में राजनीतिक दल सामाजिक समीकरणों और विभिन्न वर्गों के समर्थन को लेकर अपनी रणनीति बना रहे हैं। दलित और वंचित वर्गों का समर्थन लंबे समय से चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण माना जाता रहा है। ऐसे में नेताओं के बयानों के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
भाजपा और कांग्रेस के बीच दलित मुद्दे को लेकर पहले भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। कांग्रेस जहां भाजपा पर सामाजिक मुद्दों को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाती रही है, वहीं भाजपा कांग्रेस पर केवल चुनावी लाभ के लिए वंचित वर्गों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाती है।
हरियाणा में भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और विभिन्न दल आगामी चुनावों को देखते हुए अपनी रणनीतियां तैयार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सैनी का कांग्रेस पर यह हमला भी इसी राजनीतिक माहौल से जोड़कर देखा जा रहा है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि दलित और पिछड़ा वर्ग हरियाणा समेत उत्तर भारत की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में किसी भी दल की ओर से इन वर्गों से जुड़े मुद्दों को उठाना चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
फिलहाल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बयान के बाद कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार है। वहीं, भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर अपना हमला तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा दोनों दलों के बीच राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है।