ग्रामीणों ने 142 दिन में तैयार की भव्य गोशाला, बेसहारा गोवंश को मिलेगा सहारा
नाथूसरी चौपटा। क्षेत्र के गांव नेजिया खेड़ा के ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयास और सहयोग से महज 142 दिनों में श्री सांवरिया गोशाला का निर्माण कर मिसाल पेश की है। गोशाला में अब गोवंश का प्रवेश भी शुरू हो गया है। शनिवार को गो प्रवेश के अवसर पर विधि-विधान से पूजन, हवन-यज्ञ और गो-सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान भंडारे का भी आयोजन हुआ, जिसमें ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
ग्रामीणों के मुताबिक, नई गोशाला बनने से क्षेत्र में घूम रहे बेसहारा गोवंश को सुरक्षित आश्रय देने में मदद मिलेगी। गोशाला में पशुओं के रहने के लिए हॉल और शेड के साथ पानी की व्यवस्था की गई है। शेष निर्माण कार्यों को भी जल्द पूरा करने की तैयारी है।
14 मई को रखा गया था नींव पत्थर
श्री सांवरिया गोशाला सेवा समिति के प्रधान कृष्ण दून ने बताया कि गांव में गोशाला के निर्माण की शुरुआत 14 मई को नींव पत्थर रखने के साथ हुई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने मिलकर निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया।
समिति के अनुसार, करीब 142 दिनों में गोशाला को इस स्थिति में तैयार कर दिया गया कि यहां गोवंश को रखा जा सके। निर्माण में ग्रामीणों की ओर से सहयोग मिलने के कारण काम तेजी से आगे बढ़ सका।
गोशाला में अभी कुछ कार्य शेष हैं। समिति का कहना है कि इन कार्यों को भी जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। इसके लिए ग्रामीणों से लगातार सहयोग मिल रहा है।
गो प्रवेश पर हुआ विधि-विधान से पूजन
शनिवार को गोशाला में गोवंश के प्रवेश को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। हवन-यज्ञ में ग्रामीणों ने आहुति देकर गोवंश की सेवा और संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के बाद भंडारा आयोजित किया गया। इसमें गांव और आसपास के लोगों ने हिस्सा लिया। गोशाला में गोवंश के प्रवेश को लेकर ग्रामीणों में उत्साह दिखाई दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से गांव और आसपास के क्षेत्र में बेसहारा गोवंश के लिए स्थायी व्यवस्था की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसी उद्देश्य से गोशाला निर्माण का निर्णय लिया गया।
दो हॉल और शेड किए गए तैयार
गोशाला समिति के प्रधान कृष्ण दून ने बताया कि श्री सांवरिया गोशाला में फिलहाल दो हॉल तैयार किए गए हैं। इसके अलावा गोवंश को धूप और बारिश से बचाने के लिए शेड की व्यवस्था की गई है।
पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था भी की गई है। गोशाला में आने वाले समय में आवश्यकता के अनुसार अन्य सुविधाओं का विस्तार करने की योजना है।
समिति का कहना है कि पशुओं के चारे, पानी, स्वास्थ्य और साफ-सफाई की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। गोशाला के संचालन में गांव के लोगों की भागीदारी बनी रहेगी।
ग्रामीणों के सहयोग से आगे बढ़ा निर्माण
गोशाला समिति ने निर्माण कार्य में ग्रामीणों के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया है। निर्माण शुरू होने के बाद गांव के लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग किया। किसी ने आर्थिक मदद दी तो किसी ने निर्माण से जुड़े कार्यों में भागीदारी निभाई।
समिति के मुताबिक, सामूहिक सहयोग की वजह से कम समय में गोशाला का बड़ा हिस्सा तैयार किया जा सका। अब गोवंश के प्रवेश के बाद गोशाला के नियमित संचालन की जिम्मेदारी भी समिति और ग्रामीण मिलकर संभालेंगे।
गोशाला में अभी कुछ निर्माण और सुविधाओं से जुड़े कार्य बाकी हैं। इन्हें चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की योजना बनाई गई है।
जिले की 149वीं गोशाला होने का दावा
आयोजकों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, श्री सांवरिया गोशाला को सिरसा जिले की 149वीं गोशाला बताया गया है। उनके मुताबिक, जिले में इससे पहले 148 गोशालाएं संचालित थीं, जिनमें से 139 पंजीकृत हैं।
यह भी बताया गया है कि जिले की गोशालाओं में करीब 52 हजार गोवंश मौजूद हैं। हालांकि गोशालाओं और गोवंश की यह संख्या आयोजकों की ओर से दी गई जानकारी पर आधारित है और आधिकारिक विभागीय आंकड़ों से इसकी अलग से पुष्टि की जानी बाकी है।
नई गोशाला शुरू होने के बाद क्षेत्र के बेसहारा गोवंश को यहां रखने की व्यवस्था की जा सकेगी। इससे सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर घूमने वाले पशुओं की समस्या कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
बेसहारा गोवंश को मिलेगा आश्रय
ग्रामीण क्षेत्रों में बेसहारा गोवंश कई बार किसानों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनता है। खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ सड़क पर घूमते पशुओं से दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।
ऐसे में गांव स्तर पर गोशाला का संचालन होने से बेसहारा पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने में सहायता मिल सकती है। हालांकि इसके लिए पर्याप्त चारा, पानी, पशु चिकित्सा और नियमित देखभाल की व्यवस्था बनाए रखना जरूरी होगा।
श्री सांवरिया गोशाला सेवा समिति का कहना है कि गोशाला को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए ग्रामीणों का सहयोग आगे भी लिया जाएगा।
बाकी काम जल्द पूरा करने की तैयारी
प्रधान कृष्ण दून ने बताया कि गोशाला में जिन सुविधाओं और निर्माण से जुड़े कामों को अभी पूरा नहीं किया जा सका है, उन्हें जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। गोवंश की संख्या बढ़ने के साथ आवश्यकता के मुताबिक व्यवस्थाओं का विस्तार भी किया जाएगा।
गोशाला के निर्माण से लेकर गो प्रवेश तक गांव के लोगों की भागीदारी रही है। समिति ने ग्रामीणों के सहयोग के लिए आभार जताया है।
महज 142 दिनों में गोशाला तैयार कर गोवंश का प्रवेश शुरू होने से नेजिया खेड़ा के ग्रामीण उत्साहित हैं। अब समिति के सामने गोशाला के शेष निर्माण कार्य पूरे करने के साथ गोवंश के लिए चारा, पानी, साफ-सफाई और नियमित देखभाल की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी।