यमुनानगर। पंचकूला-कलानौर नेशनल हाईवे पर मंडौली कट के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में कैंटर चालक की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब सड़क के बीच खड़े एक कंटेनर में पीछे से आ रहा कैंटर जा टकराया। टक्कर इतनी तेज थी कि कैंटर का चालक वाहन के अंदर ही फंस गया। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के गांव पथरवा निवासी 39 वर्षीय प्रीत के रूप में हुई है। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक सड़क पर खड़े कंटेनर पर न तो रिफ्लेक्टर लगे थे और न ही किसी तरह का चेतावनी संकेतक लगाया गया था।
पुलिस को दी शिकायत में गांव अकालगढ़ के पूर्व सरपंच मोहन उर्फ सोनू ने बताया कि वह अपने गांव से सैर करने के लिए नेशनल हाईवे की ओर गया था। जब वह गांव दुसानी कट से मंडौली कट की ओर बढ़ते हुए इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के सामने पहुंचा तो उसने सड़क के बीच एक यूके नंबर का कंटेनर खड़ा देखा।
शिकायत के अनुसार, कंटेनर इस तरह खड़ा था कि पीछे से आने वाले वाहन चालकों को समय रहते उसका पता लगाना मुश्किल था। उस पर कोई रिफ्लेक्टर नहीं लगा था और न ही सड़क पर किसी तरह का चेतावनी संकेत रखा गया था। कंटेनर के इंडिकेटर भी नहीं जल रहे थे।
इसी दौरान औरंगाबाद की ओर से एक कैंटर वहां पहुंचा। बताया गया कि चालक को सामने खड़े कंटेनर का समय पर अंदाजा नहीं हो सका और कैंटर सीधे पीछे से उसमें जा टकराया।
टक्कर के बाद कैंटर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक केबिन के अंदर फंस गया। हादसे की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और कैंटर में फंसे चालक को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। वाहन के क्षतिग्रस्त होने के कारण चालक को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
काफी प्रयास के बाद पुलिस ने चालक को बाहर निकाला और तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
हादसे के बाद नेशनल हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। दुर्घटनाग्रस्त कैंटर और सड़क के बीच खड़े कंटेनर के कारण अन्य वाहनों की आवाजाही धीमी हो गई।
पुलिस ने मौके पर यातायात व्यवस्था संभाली और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। इसके बाद हाईवे पर यातायात सामान्य कराया गया।
मृतक प्रीत के परिवार को घटना की सूचना दे दी गई है। अचानक हुई मौत से परिवार में मातम पसर गया है। प्रीत कैंटर चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि कंटेनर सड़क के बीच किन परिस्थितियों में खड़ा था। क्या वाहन में कोई तकनीकी खराबी आई थी या चालक ने लापरवाही से वाहन वहां खड़ा कर दिया था, इसकी जांच की जा रही है।
पूर्व सरपंच मोहन उर्फ सोनू की शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कंटेनर चालक ने वाहन खड़ा करने के बाद आवश्यक सुरक्षा उपाय नहीं किए थे।
सड़क पर भारी वाहन खड़ा होने की स्थिति में रिफ्लेक्टर, पार्किंग लाइट या चेतावनी संकेतक का इस्तेमाल बेहद जरूरी माना जाता है। खासकर रात या कम रोशनी में ऐसी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
इस मामले में भी शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि कंटेनर पर रिफ्लेक्टर या चेतावनी संकेत मौजूद होते तो पीछे से आ रहे कैंटर चालक को समय रहते वाहन दिखाई दे सकता था और हादसा टाला जा सकता था।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। कंटेनर चालक की भूमिका और लापरवाही से जुड़े पहलुओं को भी जांच में शामिल किया गया है।
साथ ही दुर्घटनास्थल की स्थिति, सड़क की रोशनी, वाहनों की स्थिति और टक्कर के तरीके की भी जांच की जा रही है।
हाईवे पर होने वाले हादसों में सड़क किनारे या सड़क के बीच खड़े भारी वाहन अक्सर बड़ी वजह बनते हैं। यदि ऐसे वाहनों पर पर्याप्त संकेतक नहीं हों तो पीछे से आने वाले तेज रफ्तार वाहनों के लिए खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञ भी वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों को सलाह देते हैं कि खराबी की स्थिति में वाहन को जहां तक संभव हो सड़क से हटाकर खड़ा किया जाए। यदि ऐसा संभव न हो तो पर्याप्त दूरी पर चेतावनी संकेत जरूर लगाए जाएं।
पुलिस अब मृतक के शव की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल हादसे के कारणों की जांच जारी है। पुलिस शिकायतकर्ता के बयान और घटनास्थल से मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
यह दुर्घटना एक बार फिर हाईवे पर खड़े भारी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करती है। थोड़ी सी लापरवाही किसी की जान ले सकती है।
प्रीत की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कंटेनर चालक की ओर से सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई थी या नहीं।