फरीदाबाद में चलेगा बुलडोजर, अवैध कब्जे हटाने की तैयारी तेज

Update: 2026-07-14 14:06 GMT

फरीदाबाद। हरियाणा के फरीदाबाद में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ अब प्रशासन सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है। मुजेसर और सेक्टर-22 इलाके में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) की करीब छह एकड़ जमीन पर कब्जा करने वाले लोगों को 15 दिन का नोटिस जारी किया गया है। निर्धारित समय के भीतर कब्जा नहीं हटाने पर प्रशासन की ओर से तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी।

केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की ओर से मंगलवार को कब्जे वाली जगहों पर नोटिस चस्पा किए गए हैं। नोटिस में कब्जाधारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे तय समय सीमा के अंदर सरकारी जमीन को खाली कर दें। अगर ऐसा नहीं किया गया तो विभाग नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण हटाएगा।

जानकारी के अनुसार, मुजेसर, सारन और सेक्टर-22 क्षेत्र में सरकारी प्रेस की काफी जमीन मौजूद थी। करीब 25 साल पहले सरकारी प्रेस बंद होने के बाद यह जमीन केंद्रीय लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित कर दी गई थी। लंबे समय तक इस जमीन का इस्तेमाल नहीं होने के कारण धीरे-धीरे कई लोगों ने यहां अवैध कब्जे कर लिए।

विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जमीन पर कब्जे की जानकारी मिलने के बाद पहले भी लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। इसके बाद कुछ कब्जाधारियों ने मामले को लेकर अदालत का रुख किया था। अब कोर्ट की ओर से भी जमीन खाली करने के आदेश दिए जा चुके हैं।

सीपीडब्ल्यूडी ने कोर्ट के आदेश और नियमों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग का कहना है कि सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जाएगा और किसी भी तरह के गैरकानूनी निर्माण को हटाया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि नोटिस मिलने के बाद कब्जाधारियों के पास खुद से निर्माण हटाने और जमीन खाली करने का अवसर दिया गया है। यदि 15 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं की जाती है तो विभाग पुलिस और प्रशासन की मदद से तोड़फोड़ अभियान चलाएगा।

स्थानीय प्रशासन की इस कार्रवाई से इलाके में हलचल बढ़ गई है। जिन लोगों ने सरकारी जमीन पर मकान, दुकान या अन्य निर्माण कर रखे हैं, उनमें चिंता का माहौल है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा करना उसकी जिम्मेदारी है और अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

फरीदाबाद में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों को लेकर पहले भी कई बार कार्रवाई की जा चुकी है। प्रशासन लगातार ऐसे मामलों की पहचान कर रहा है और नियमों के अनुसार जमीनों को कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया चला रहा है।

मुजेसर और सेक्टर-22 की छह एकड़ जमीन पर होने वाली यह कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। अब देखने वाली बात होगी कि 15 दिन की समय सीमा पूरी होने के बाद कितने लोग खुद कब्जा हटाते हैं और कितनों के खिलाफ प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ता है।

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