
हरियाणा। देश के परिवहन क्षेत्र में एक नई शुरुआत होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 जुलाई को हरियाणा के जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन जींद से रवाना होकर गोहाना होते हुए सोनीपत तक चलेगी। इस ऐतिहासिक पहल के साथ भारत हरित और आधुनिक परिवहन के नए दौर में प्रवेश करेगा।
सहकारिता, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि पहली हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत से जींद, गोहाना और सोनीपत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
डॉ. शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी 17 जुलाई को हरियाणा दौरे पर रहेंगे और इसी दौरान इस ट्रेन का शुभारंभ करेंगे। यह ट्रेन जींद से गोहाना होते हुए सोनीपत तक चलेगी। रास्ते में यह कुल 13 स्टेशनों पर यात्रियों के लिए रुकेगी।
उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन से चलने वाली यह ट्रेन प्रदूषण कम करने और स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगी। दुनिया के कई देश ग्रीन ट्रांसपोर्ट की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और भारत भी अब इस तकनीक को अपनाकर रेलवे क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी के हरियाणा दौरे को लेकर भी तैयारियां तेज हो गई हैं। डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि 17 जुलाई का दिन प्रदेश के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा। इस दौरान प्रधानमंत्री कई हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे।
उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत से न केवल रेलवे को नई तकनीक मिलेगी, बल्कि हरियाणा के लोगों को भी आधुनिक परिवहन सुविधा का लाभ मिलेगा। जींद, गोहाना और सोनीपत जैसे शहर इस ऐतिहासिक उपलब्धि के केंद्र बनेंगे।
हाइड्रोजन ट्रेन को भविष्य की रेल तकनीक के रूप में देखा जा रहा है। यह डीजल इंजनों की तुलना में पर्यावरण के लिए ज्यादा बेहतर विकल्प माना जाता है। इससे कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिलेगी और देश के नेट जीरो लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में भी योगदान मिलेगा।
रेलवे क्षेत्र में यह पहल भारत की तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता को भी दर्शाती है। सरकार लगातार रेलवे को आधुनिक बनाने, यात्री सुविधाओं को बेहतर करने और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को अपनाने पर जोर दे रही है।
जींद से शुरू होने वाली यह हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। 17 जुलाई को इसके शुभारंभ के साथ भारत हरित परिवहन के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू करेगा।





