Chandigarh.चंडीगढ़: शेखपुर कलां के 24 वर्षीय रणदीप सिंह की कंबोडिया में मौत के एक दिन बाद पुलिस ने कल अंबाला छावनी के निकट बबियाल गांव के इमिग्रेशन एजेंट बिक्रम सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मृतक के बड़े भाई रवि ने बताया कि रणदीप आठवीं कक्षा तक पढ़ा था। मृतक परिवार के रिश्तेदार बिक्रम ने उन्हें युवक को कनाडा भेजने का वादा किया था और उन्होंने उसे 25 लाख रुपये दिए थे। परिवार ने बताया कि तीन दिन पहले उनकी अपने बेटे से बात हुई थी। वह उनसे भारत वापस लौटने में मदद की गुहार लगा रहा था। वे पिछले कुछ समय से रणदीप को पैसे भेज रहे थे।
कुछ दिन पहले उसे 20 हजार रुपये भेजे गए थे। उसके पिता दिहाड़ी मजदूर हैं और मां मनरेगा मजदूर हैं। भाई पार्ट टाइम जॉब करता है और बहन (27) अविवाहित है। परिवार को एजेंट को कुल 45 लाख रुपये देने थे। युवक के पिता बलविंदर सिंह ने सरकार से बेटे के शव को भारत लाने में मदद की अपील की है। रणदीप की मौत कथित तौर पर कंबोडिया में उस समय हुई जब वह अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने जा रहा था। वह पिछले साल 1 जून को भारत से निकला था। वह वियतनाम में करीब तीन महीने तक रहा, जहां उसे संक्रमण हो गया और कथित तौर पर इलाज के अभाव में उसकी मौत हो गई।