सोनीपत : हरियाणा के सोनीपत जिले में कुंडली-मानेसर-पलवल यानी केएमपी एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में एक कैंटर चालक की मौत हो गई। हादसा गोपालपुर गांव के पास हुआ, जहां सड़क किनारे कथित रूप से बिना किसी संकेतक या चेतावनी पट्ट के खड़े कैंटर से पीछे से आ रहा दूसरा कैंटर टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि पीछे वाले कैंटर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसका चालक गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल चालक को एम्बुलेंस की मदद से खरखौदा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के गवारू खुर्द गांव निवासी 33 वर्षीय हाफिज खान के रूप में हुई है। पुलिस ने कैंटर मालिक की शिकायत पर मामला दर्ज कर हादसे की जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाफिज खान पेशे से वाहन चालक थे। वह दिल्ली के नरेला स्थित शाहपुर गढ़ी निवासी सूरज के कैंटर पर नौकरी करते थे। सूरज का वाहन डीजी ट्रांसपोर्ट कंपनी से जुड़ा हुआ बताया गया है। दुर्घटना के समय हाफिज खान राजस्थान के बहरोड़ से कैंटर लेकर दिल्ली के नरेला की तरफ जा रहे थे।
कैंटर जब केएमपी एक्सप्रेसवे पर सोनीपत के गोपालपुर गांव के पास पहुंचा तो आगे सड़क पर एक अन्य कैंटर खड़ा था। वाहन मालिक की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सड़क पर खड़े कैंटर के चालक ने सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक सावधानियां नहीं बरती थीं। उसने न तो वाहन के संकेतक चालू किए थे और न ही पीछे आने वाले वाहन चालकों को सतर्क करने के लिए कोई चेतावनी पट्ट या रिफ्लेक्टर लगाया था।
आरोप है कि सड़क पर पर्याप्त संकेत नहीं होने के कारण हाफिज खान समय रहते खड़े कैंटर को नहीं देख पाए। उनका वाहन तेज रफ्तार में आगे खड़े कैंटर के पिछले हिस्से से टकरा गया। दुर्घटना के बाद एक्सप्रेसवे पर अफरातफरी मच गई। वहां से गुजर रहे वाहन चालकों और स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना पुलिस एवं एम्बुलेंस सेवा को दी।
टक्कर के कारण कैंटर के केबिन में फंसे हाफिज खान को बाहर निकालकर इलाज के लिए खरखौदा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। उन्हें शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई थीं। डॉक्टरों ने जांच करने के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की जानकारी मिलते ही कैंटर के मालिक सूरज भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने खरखौदा थाना पुलिस को लिखित शिकायत देकर दूसरे वाहन के चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पुलिस के मुताबिक, गोपालपुर गांव के पास दो कैंटरों की टक्कर होने की सूचना 12 अगस्त को मिली थी। जानकारी मिलते ही खरखौदा थाने से उपनिरीक्षक अशोक पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके का निरीक्षण करने के साथ दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर किनारे कराया। इसके बाद प्रभावित यातायात को सामान्य कराया गया।
अस्पताल से चालक की मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव की पहचान हाफिज खान के रूप में की। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने वाहन मालिक सूरज की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी अब सड़क पर खड़े कैंटर के चालक और वाहन के मालिक से जुड़ी जानकारी जुटा रहे हैं।
पुलिस हादसे के समय दोनों वाहनों की स्थिति, सड़क पर रोशनी, वाहनों की गति और खड़े कैंटर में संकेतक चालू था या नहीं, इसकी भी जांच कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और एक्सप्रेसवे के निगरानी कैमरों की फुटेज की पड़ताल की जा सकती है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एक्सप्रेसवे पर वाहन खराब होने या किसी कारण से रोकने की स्थिति में चालकों को इंडिकेटर और पार्किंग लाइट चालू करने के साथ पीछे चेतावनी त्रिकोण लगाने की सलाह दी जाती है। रात के समय बिना संकेत के भारी वाहन खड़ा करना पीछे से आने वाले वाहनों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। गोपालपुर के पास हुई इस दुर्घटना ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा नियमों का पालन करने की आवश्यकता को सामने रखा है।
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