गांधीनगर: शराबबंदी वाले गुजरात की गांधीनगर स्थित गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT City) में शराब की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेष नियमों के तहत शराब की अनुमति मिलने के बाद यहां बिक्री तेजी से बढ़ी है। आंकड़ों के मुताबिक गिफ्ट सिटी में शराब की बिक्री शुरुआती स्तर की तुलना में 15 गुना से अधिक बढ़ गई है। इसके साथ ही सरकार को आबकारी शुल्क और इससे संबंधित अन्य मदों से रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ है।

गुजरात में सामान्य तौर पर शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध है। हालांकि गिफ्ट सिटी को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय और कारोबारी केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से यहां शराब से जुड़े नियमों में विशेष छूट दी गई है। इसका उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, निवेशकों और कारोबारी प्रतिनिधियों को वैश्विक कारोबारी केंद्रों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
शराब बिक्री में बड़ी छलांग
विशेष व्यवस्था लागू होने के बाद गिफ्ट सिटी में अधिकृत प्रतिष्ठानों के जरिए शराब की बिक्री की अनुमति दी गई। शुरुआती दौर में बिक्री सीमित थी, लेकिन समय के साथ इसमें तेजी से वृद्धि हुई। कारोबार और कर्मचारियों की संख्या बढ़ने तथा गिफ्ट सिटी में गतिविधियां तेज होने के साथ शराब की मांग में भी इजाफा देखने को मिला है। बिक्री बढ़ने का असर सरकारी राजस्व पर भी पड़ा है। शराब की बिक्री से मिलने वाले शुल्क और अन्य संबंधित मदों के जरिए सरकार की आमदनी बढ़ी है। गिफ्ट सिटी में लगातार नई कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के आने से आने वाले समय में इससे मिलने वाले राजस्व में और बदलाव देखने को मिल सकता है।
गुजरात में लागू है शराबबंदी
गुजरात देश के उन राज्यों में शामिल है जहां लंबे समय से शराबबंदी लागू है। सामान्य परिस्थितियों में शराब खरीदने, बेचने और सेवन करने को लेकर कड़े नियम हैं। हालांकि कुछ विशेष श्रेणियों के लोगों के लिए परमिट व्यवस्था मौजूद है। गिफ्ट सिटी के मामले में सरकार ने अलग व्यवस्था बनाई है। यहां अधिकृत होटल, क्लब या निर्धारित प्रतिष्ठान नियमों और लाइसेंस की शर्तों के तहत शराब उपलब्ध करा सकते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे गांधीनगर या गुजरात में शराबबंदी समाप्त कर दी गई है।
अंतरराष्ट्रीय कारोबारी केंद्र बनाने पर जोर
गिफ्ट सिटी को वैश्विक स्तर का वित्तीय और तकनीकी केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। यहां बैंकिंग, बीमा, फिनटेक, शेयर बाजार और अन्य वित्तीय सेवाओं से जुड़ी देश-विदेश की कंपनियां मौजूद हैं। सरकार का लक्ष्य इसे सिंगापुर, दुबई और अन्य अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्रों की तर्ज पर विकसित करना है। इसी रणनीति के तहत गिफ्ट सिटी के लिए कुछ विशेष नीतियां बनाई गई हैं। शराब से जुड़े नियमों में दी गई सीमित छूट भी इसी व्यवस्था का हिस्सा है।
हालांकि शराबबंदी वाले राज्य में बिक्री में 15 गुना से अधिक की वृद्धि राजनीतिक और सामाजिक बहस का मुद्दा भी बन सकती है। एक तरफ इसे गिफ्ट सिटी की बढ़ती कारोबारी गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर शराबबंदी की नीति को लेकर सवाल भी उठ सकते हैं। फिलहाल बिक्री में आए बड़े उछाल और उससे सरकार को मिले राजस्व ने गिफ्ट सिटी को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
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