Ahmedabad अहमदाबाद: बढ़ती आबादी, घटता भूजल स्तर और बड़ी मात्रा में बारिश का पानी व्यर्थ बह जाना, आज देश के लगभग हर शहर के सामने ये बड़ी चुनौतियां हैं। ऐसे में जल संरक्षण सिर्फ पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरत बन चुका है। इसी सोच के साथ अहमदाबाद नगर निगम ने बड़ी पहल की है। 'कैच द रेन' अभियान के तहत बारिश की हर बूंद को सहेजने के मकसद से अहमदाबाद नगर निगम ने 'सुजलाम सुफलाम जल अभियान' के अंतर्गत शहर की 41 झीलों और तालाबों को इंटरलिंक करने का नेटवर्क तैयार किया है। इस व्यवस्था के तहत एक तालाब के भरने पर उसका अतिरिक्त पानी पाइपलाइन के जरिए दूसरे तालाब में पहुंच जाएगा।
इस परियोजना से अहमदाबाद की वर्षा जल भंडारण क्षमता में लाखों क्यूबिक फीट की वृद्धि हुई है, जिससे भविष्य में शहरवासियों के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ेगी। अहमदाबाद नगर निगम के चीफ इंजीनियर राकेश बोडीवाला ने कहा कि हमने अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (एएमसी) में 41 झीलों को पहले ही आपस में जोड़ दिया है, बाकी 32 झीलों को जोड़ने का काम चल रहा है और हमने 17 झीलों का प्लान बनाया है। अब इसे आपस में जोड़ने से जब अलग-अलग झील का पानी भर जाएगा तो उसका पानी दूसरी झील में ट्रांसफर हो जाएगा। इससे ग्राउंड वाटर लेवल सही तरीके से रिचार्ज हो जाएगा और जलसंकट से निजात मिलेगी।
इंटरलिंकिंग परियोजना सिर्फ जल संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहरी जल प्रबंधन को भी मजबूत करेगी। इतना ही नहीं, इससे शहर में जलभराव कम होगा और बारिश के पानी की बर्बादी रुकेगी, साथ ही भूजल स्तर को बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। बारिश के मौसम में पानी से लबालब भरने वाले ये तालाब शहरवासियों के लिए घूमने और मनोरंजन के प्रमुख केंद्र भी बनेंगे।
एएमसी के नगर आयुक्त बंछानिधि पाणि ने कहा, "केंद्र और गुजरात सरकार की मदद से यह इंटरलिंकिंग स्कीम अभी लागू हो रही है। अभी इस पानी को स्टोर करके ग्राउंड लेवल के नीचे का पानी रिचार्ज किया जा रहा है और हमारे लिए भूजल स्तर बहुत ज्यादा नीचे नहीं है। अहमदाबाद में तालाबों और झीलों की इंटरलिंकिंग को सिर्फ एक इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि भविष्य में शहर की जल सुरक्षा का ब्लूप्रिंट भी माना जा रहा है। जाहिर है कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार जल संरक्षण और सतत शहरी विकास पर लगातार जोर दे रही है। ऐसे में अहमदाबाद का यह मॉडल आने वाले समय में राज्य और देश के दूसरे शहरों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है।