Bilaspur. बिलासपुर। शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील इलाकों में शामिल गांधी चौक रोड पर जानलेवा स्टंटबाजी का एक गंभीर मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो का संज्ञान लेते हुए सिटी कोतवाली पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए चार युवकों को चिन्हित कर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है। वायरल वीडियो में युवक चलती कार की खिड़कियों पर बैठकर खतरनाक स्टंट करते नजर आ रहे हैं, जिससे सड़क पर चल रहे आम नागरिकों की जान को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था।
जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में हुंडई i-20 कार (क्रमांक CG12 BT 1243) दिखाई दे रही है, जिसमें सवार युवक चलती गाड़ी की खिड़कियों और दरवाजों पर बैठकर स्टंट कर रहे हैं। यह घटना गांधी चौक रोड जैसे अत्यधिक भीड़भाड़ वाले मार्ग पर हुई, जहां दिनभर यातायात का दबाव रहता है। इस तरह की लापरवाही किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। पुलिस जांच में यह सामने आया है कि वाहन चालक द्वारा लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाया जा रहा था और स्टंटबाजी का मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया, विशेषकर इंस्टाग्राम पर वीडियो को वायरल कर लोकप्रियता हासिल करना था। पुलिस ने इस मामले में आरोपी वंश सक्तेल, कुनाल साहू, शाहरूख इरानी और वाहन चालक हर्षवर्धन सिंह को चिन्हित किया है।
सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। इसके अलावा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 (खतरनाक ड्राइविंग) और धारा 189 के अंतर्गत भी कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि यह कृत्य न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ भी है। घटना में प्रयुक्त कार को पुलिस ने जब्त कर लिया है। साथ ही वाहन चालक हर्षवर्धन सिंह के ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। आरोपियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सार्वजनिक स्थानों पर स्टंटबाजी, रैश ड्राइविंग और सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने के लिए की जाने वाली जानलेवा हरकतों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने युवाओं और आम नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना गतिविधियों से दूर रहें। सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया की सनक किस तरह लोगों की जान को खतरे में डाल सकती है, जिसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाना जरूरी है।