आरक्षित वन क्षेत्र से अवैध करील संग्रह करते युवक पकड़ा, वन विभाग ने की कार्रवाई
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Mahasamund. महासमुंद। जिले के पिथौरा वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने आरक्षित वन क्षेत्र से अवैध रूप से करील तोड़ने और संग्रह करने के मामले में एक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की है। गश्त के दौरान वन विभाग की टीम ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़कर उसके कब्जे से करील और एक चाकू बरामद किया। आरोपी के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम, 1927 की संबंधित धाराओं के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई वनमंडल महासमुंद के अंतर्गत पिथौरा परिक्षेत्र के आरक्षित वन क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 282 में की गई। नियमित गश्त के दौरान विभागीय टीम को एक व्यक्ति जंगल के भीतर करील तोड़कर संग्रह करते हुए दिखाई दिया। टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रोककर पूछताछ की और तलाशी लेने पर उसके पास से करील की 21 नग तथा एक चाकू बरामद किया।
आरोपी की पहचान विरंची ताण्डी, निवासी ग्राम लिमदरहा, विकासखंड पिथौरा के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि वह बिना किसी वैध अनुमति के आरक्षित वन क्षेत्र से करील एकत्र कर रहा था। वन विभाग ने इसे वन संपदा के अवैध दोहन की श्रेणी में मानते हुए तत्काल वन अपराध प्रकरण दर्ज किया। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आरक्षित वन क्षेत्रों से किसी भी प्रकार की वन उपज का संग्रह, कटाई या परिवहन बिना अनुमति के करना भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत दंडनीय अपराध है। इसी के तहत आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है। बरामद करील और चाकू को भी नियमानुसार जब्त कर लिया गया है। वन विभाग का कहना है कि वन क्षेत्रों में नियमित गश्त और निगरानी अभियान लगातार चलाया जा रहा है ताकि अवैध कटाई, वन उपज के अवैध संग्रहण और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। करील सहित अन्य वन उपज का अनियंत्रित और अवैध दोहन वन पारिस्थितिकी पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इससे जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर भी असर पड़ता है। इसी कारण वन विभाग समय-समय पर संरक्षण अभियान चलाने के साथ-साथ कानून का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करता है। वन विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे वन एवं वन्य संसाधनों के संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। विभाग ने कहा है कि आरक्षित वन क्षेत्रों से किसी भी प्रकार की वन उपज का अवैध संग्रहण या वन संपदा को नुकसान पहुंचाना कानूनन अपराध है। यदि किसी क्षेत्र में ऐसी गतिविधियां दिखाई दें तो इसकी सूचना तत्काल निकटतम वन कार्यालय या वन विभाग के अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके। वन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि वन संपदा की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसलिए वन अपराधों के विरुद्ध आगे भी नियमित गश्त, निगरानी और कानूनी कार्रवाई का अभियान लगातार जारी रहेगा, जिससे प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।