Balod. बालोद। महिला आरक्षक के साथ दुष्कर्म और आर्थिक शोषण का मामला अब और गंभीर हो गया है। पीड़िता ने बीजापुर के डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की मांग करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव और बीजापुर कलेक्टर को पत्र लिखा है। पीड़िता ने पत्र के साथ एफआईआर की कॉपी भी संलग्न की है और आरोप लगाया है कि कार्रवाई में ढिलाई बरती जा रही है।
मामला और आरोप
पूरा मामला बालोद जिले के डौंडी थाना क्षेत्र से जुड़ा है। महिला आरक्षक ने अपने आवेदन में डिप्टी कलेक्टर पर दुष्कर्म, आर्थिक शोषण और 8 साल के रिलेशनशिप के दौरान 3 बार गर्भपात कराने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला आरक्षक का कहना है कि आरोपी ने उसके साथ शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक शोषण किया और आर्थिक रूप से भी नुकसान पहुंचाया। पीड़िता ने पुलिस को 126 पन्नों का बैंक स्टेटमेंट भी उपलब्ध कराया है, जिसमें आरोपी द्वारा किए गए लेन-देन और आर्थिक शोषण के प्रमाण शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए डौंडी थाने में आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 69 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
आरोपी अब तक पुलिस गिरफ्त से बाहर
एफआईआर दर्ज होने के 17 दिन बाद भी आरोपी डिप्टी कलेक्टर पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि गिरफ्तारी में देरी जानबूझकर की जा रही है। उसके अनुसार “बालोद पुलिस देश के विभिन्न हिस्सों से अपराधियों को पकड़कर लाती है, लेकिन इस मामले में पुलिस दबाव में है और डिप्टी कलेक्टर को बचाने की कोशिश कर रही है। नियमानुसार अपराध पंजीबद्ध होते ही आरोपी को गिरफ्तार करना था, लेकिन उसे छुट्टी लेकर फरार होने का मौका दिया गया।” जानकारी के अनुसार, अपराध दर्ज होते ही दिलीप उइके ने बीजापुर जिला प्रशासन से बीमारी का बहाना बनाकर छुट्टी ली और फरार हो गया।
पीड़िता का मुख्य सचिव और कलेक्टर को पत्र
महिला आरक्षक ने अपने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि आरोपी डिप्टी कलेक्टर पर गंभीर आरोप साबित होने के बाद भी उसे प्रशासनिक सेवा में बने रहना उचित नहीं है। सिविल सेवा आचरण नियमों के मुताबिक आरोपी को तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए। उसने मुख्य सचिव और बीजापुर कलेक्टर से निलंबन की कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
एसपी का बयान- जल्द होगी गिरफ्तारी
बालोद जिले के एसपी योगेश पटेल ने मीडिया को बताया कि आरोपी की तलाश जारी है। “पुलिस टीम को बीजापुर भेजा गया था। आरोपी की लोकेशन ट्रेस की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।” एसपी ने भरोसा दिलाया कि पीड़िता को न्याय दिलाने में किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी।
जमानत याचिका खारिज
इससे पहले जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने गंभीर आरोपों को देखते हुए आरोपी को राहत देने से इनकार किया। बावजूद इसके आरोपी गिरफ्त से बाहर है और इससे पीड़िता व उसके परिजनों में आक्रोश है। पीड़िता ने सवाल उठाया कि जब आरोपी एक बड़े प्रशासनिक पद पर है, तब भी उसके खिलाफ कार्रवाई में देरी क्यों की जा रही है? पीड़िता ने कहा कि उसे न्याय दिलाने की प्रक्रिया को तेज किया जाए और आरोपी को तुरंत निलंबित कर गिरफ्तार किया जाए।