Dantewada. दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में बंगाल मॉनिटर लिजार्ड यानी गोह के शिकार का मामला सामने आया है। तीन युवकों पर जंगल में गोह को पकड़कर उसके साथ क्रूरता करने और बाद में उसे पकाकर खाने का आरोप है। घटना से जुड़े वीडियो में युवक गोह को पकड़ते और उसके पैर काटते हुए नजर आ रहे हैं। एक युवक ने पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर रील के रूप में पोस्ट कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग हरकत में आया और कार्रवाई करते हुए तीनों युवकों को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान हुंगा ओयाम (30), कोसा ओयामी (39) और नंदाराम ओयामी (36) के रूप में हुई है। तीनों दंतेवाड़ा जिले के खूंटेपाल गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। मामला श्यामगिरी क्षेत्र का है। वन विभाग अब पूरे मामले की जांच कर रहा है और आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है।
सोशल मीडिया पर पोस्ट किया वीडियो
जानकारी के मुताबिक, घटना का वीडियो इंस्टाग्राम पर हुंगा ओयाम नाम की आईडी से पोस्ट किया गया था। वीडियो में दो युवक जंगल में मॉनिटर लिजार्ड को पकड़ते हुए दिखाई देते हैं। इनमें से एक युवक कैमरे के सामने गोह को शराब के साथ चखना बनाने की बात कहता नजर आता है। इसके बाद वीडियो में गोह के साथ क्रूरता किए जाने के दृश्य दिखाई देते हैं। आरोप है कि युवकों ने चाकू से गोह के पैर काटे। बाद में उसे पकाकर खाने की बात भी सामने आई। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद इसकी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों तक पहुंची।
PCCF के निर्देश पर शुरू हुई तलाश
वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। PCCF के निर्देश पर बचेली रेंजर प्रीतेश पांडेय और उनकी टीम ने श्यामगिरी क्षेत्र में आरोपियों की तलाश शुरू की। टीम ने वीडियो और अन्य जानकारी के आधार पर संभावित ठिकानों की पहचान की और कार्रवाई करते हुए तीनों युवकों को पकड़ लिया। वन विभाग की टीम तीनों आरोपियों को अपने साथ लेकर आई और उनसे पूछताछ शुरू की गई। अधिकारियों के अनुसार, घटना में शामिल अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि गोह को कहां पकड़ा गया और घटना में और कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं।
तीनों युवक एक ही गांव के रहने वाले
वन विभाग के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीनों युवक खूंटेपाल गांव के निवासी हैं। बताया जा रहा है कि तीनों बोर उत्खनन करने वाली गाड़ी में काम करते हैं। विभाग अब आरोपियों से पूछताछ कर घटना की पूरी जानकारी जुटा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, जिस मॉनिटर लिजार्ड का शिकार किए जाने का आरोप है, उसकी उम्र करीब तीन से चार महीने बताई जा रही है। वन विभाग इस मामले में उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बना रहा है।
वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, गोह के शिकार के मामले में आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है। विभाग के अनुसार, इस वन्यजीव के शिकार के मामले में तीन से सात वर्ष तक की सजा का प्रावधान बताया गया है। अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों के अवैध शिकार और उनके साथ क्रूरता के मामलों में कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने पूरे मामले को उजागर किया। वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ लिया। फिलहाल तीनों युवकों से पूछताछ और मामले की जांच जारी है। वन विभाग यह भी जांच कर रहा है कि घटना के दौरान गोह की हत्या और उसके सेवन से जुड़े आरोपों में किन-किन लोगों की भूमिका थी।