Raipur. रायपुर। रायपुर पुलिस ने निवेश के नाम पर की गई 1.13 करोड़ रुपये की बड़ी धोखाधड़ी का पर्दाफाश करते हुए अंतरराज्यीय ठग गिरोह की दो महिला आरोपियों को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी वर्षों से Wash & Wash (ब्लैक मनी स्कैम) के जरिए लोगों को करोड़ों रुपये के निवेश और फंड उपलब्ध कराने का झांसा देकर ठगी की वारदातों को अंजाम देते आ रहे थे। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में इसी तरह की
धोखाधड़ी
कर चुका है। इस मामले में प्रार्थी उमेश कुमार सिन्हा, निवासी ग्राम बोरिदकला, तहसील गुरूर, जिला बालोद ने थाना तेलीबांधा में शिकायत दर्ज कराई थी।
उन्होंने बताया कि वह सालिक ग्रीन रिन्यूएबल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं और वर्ष 2026 में कंपनी के विस्तार तथा नए प्लांट की स्थापना के लिए लगभग 45 करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यकता थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात राकेश कौशिक के माध्यम से दीपक सिंह, अभिषेक सिंह, योगी तथा अन्य लोगों से हुई। आरोपियों ने स्वयं को प्रभावशाली व्यक्तियों और विदेशी निवेशकों से जुड़ा बताते हुए बड़ी रकम का निवेश उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। विश्वास जीतने के लिए उन्होंने बड़े अधिकारियों से बैठक, फाइल प्रोसेसिंग, सुरक्षा मंजूरी, विदेशी परीक्षण, हाई-पावर केमिकल और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं की लंबी कहानी सुनाई। इतना ही नहीं, प्रार्थी को चेन्नई और नागपुर बुलाकर कथित विदेशी तकनीक का प्रदर्शन भी किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ब्लैक मनी स्कैम की चर्चित Wash & Wash तकनीक का इस्तेमाल किया। इस दौरान काले रंग से ढके नोटों को विशेष केमिकल और विदेशी तकनीक के जरिए असली नोटों में बदलने का झूठा प्रदर्शन किया गया। पहले से तैयार असली नोटों का उपयोग कर पीड़ित को विश्वास दिलाया गया कि करोड़ों रुपये की फंडिंग जल्द जारी हो जाएगी। इसके बाद विदेशी केमिकल, परीक्षण, अधिकारियों की अनुमति और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर अलग-अलग किश्तों में लगातार रकम मांगी जाती रही। इस सुनियोजित साजिश के तहत आरोपियों ने प्रार्थी से कुल 1 करोड़ 13 लाख रुपये ठग लिए। जब निवेश और फंड जारी नहीं हुआ तथा लगातार नए बहाने बनाए जाने लगे, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उसने तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला तथा पुलिस उपायुक्त (मध्य जोन) तारकेश्वर पटेल के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा तेलीबांधा थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने शिकायतकर्ता से विस्तृत पूछताछ की और आरोपियों द्वारा उपयोग किए गए मोबाइल नंबर, बैंक खाते तथा डिजिटल लेनदेन का तकनीकी विश्लेषण शुरू किया। तकनीकी जांच के दौरान दो महिला आरोपियों की पहचान हुई, जिन्हें महाराष्ट्र के नागपुर में ट्रेस किया गया। इसके बाद रायपुर पुलिस की टीम नागपुर पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर निवेश दिलाने का झांसा देकर ठगी करना स्वीकार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कनिज फातमा उर्फ भावना पांडेय (24 वर्ष) निवासी कोलकाता तथा दीपिका पालीवाल (24 वर्ष) निवासी उदयपुर, राजस्थान के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन, 26 हजार रुपये नकद, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड सहित करीब 70 हजार रुपये मूल्य का सामान जब्त किया है। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी पिछले करीब 15 वर्षों से इसी तरह की धोखाधड़ी में सक्रिय गिरोह से जुड़े हुए हैं। नागपुर, लखनऊ सहित देश के विभिन्न हिस्सों में कई लोगों को इसी तरह निवेश, फंड रिलीज और विदेशी तकनीक के नाम पर ठगा गया है। अब रायपुर पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस से समन्वय स्थापित कर आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्य अभी फरार हैं और उनकी तलाश लगातार जारी है। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है तथा डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। रायपुर पुलिस ने आम नागरिकों और उद्योगपतियों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के झांसे में आकर बिना सत्यापन के निवेश, फंडिंग या ब्लैक मनी को वैध बनाने जैसी योजनाओं पर भरोसा न करें। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार के प्रलोभन देता है तो तत्काल पुलिस या साइबर सेल को सूचना दें। पुलिस का कहना है कि इस तरह के गिरोह लोगों की लालच और भरोसे का फायदा उठाकर करोड़ों रुपये की ठगी करते हैं, इसलिए सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है।
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