Khairagarh. खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले के ग्राम ईटार के पास स्थित साल्हेवारा बांध में रविवार को नहाने गए तीन बच्चों में से दो की डूबने से मौत हो गई। तीसरा बच्चा किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकला। घटना ने पूरे गांव में शोक की लहर पैदा कर दी है। मृतक बच्चों के परिजन गहरे शोक में हैं और गांव में मातम का माहौल है। जानकारी के अनुसार, ग्राम ईटार के पास साल्हेवारा बांध में नहाने के लिए गए बच्चों की उम्र 9 से 13 वर्ष के बीच थी। मृतक बच्चों की पहचान तनिश डहारे (9 वर्ष) और समीर सोनवानी (12 वर्ष) के रूप में हुई। उनका साथी कुलेश्वर सोनवानी (13 वर्ष) भी वहां मौजूद था।

बांध में अचानक गहरे पानी में चले जाने के कारण तनिश और समीर डूब गए। कुलेश्वर पानी में बहते हुए झाड़ियों में फंस गया, लेकिन किसी तरह खुद को बचाते हुए ग्रामीणों को घटना की जानकारी देने में सफल रहा। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को खबर दी। पुलिस की टीम ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर डूबे बच्चों को बाहर निकाला और उन्हें खैरागढ़ जिला अस्पताल भेजा। चिकित्सकों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि हादसा गहरे पानी में जाने के कारण हुआ। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे बच्चों को जलाशयों, बांधों और नहरों के पास अकेले न जाने दें, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके। घटना के बाद गांव में शोक और मातम का माहौल है। मृतक बच्चों के परिजन अपने बच्चों की मौत से गहरे सदमे में हैं। ग्रामीणों ने भी घटना पर दुःख व्यक्त किया और बच्चों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता बताई।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बांधों और जलाशयों के आसपास सुरक्षा उपायों को बढ़ाने और बच्चों की निगरानी के लिए चेतावनी जारी की जाएगी। ग्रामीणों को भी सलाह दी गई है कि वे बच्चों को जलाशयों के पास अकेले न भेजें और उन्हें पानी के खतरों के प्रति सतर्क करें। इस दुखद हादसे ने बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे जलाशयों और बांधों पर सतत निगरानी और सुरक्षा उपाय बेहद आवश्यक हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। इस प्रकार खैरागढ़ के साल्हेवारा बांध में हुए इस हादसे ने गांव को शोक में डुबो दिया है और बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत को सामने रखा है।
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