Raigarh. रायगढ़। छत्तीसगढ़-उड़ीसा सीमा के हमीरपुर इलाके में आबकारी विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी का मामला पकड़ा। आबकारी टीम ने दो युवकों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 1.204 किलोग्राम अवैध गांजा और एक मोटरसाइकिल जब्त की। मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन और प्रभारी सहायक आयुक्त आबकारी क्रिस्टोफर खलखो के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग की टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर उड़ीसा से छत्तीसगढ़ की ओर आ रही एक काले-हरे रंग की मोटरसाइकिल को घेराबंदी कर रोका।
तलाशी लेने पर मोटरसाइकिल पर सवार दोनों व्यक्तियों के पास से काले रंग के पिट्ठू बैग में रखा भूरे-हरे रंग के प्लास्टिक में कलीनुमा गांजा बरामद किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में इलियास तिर्की, निवासी आमाटिकरा, थाना बांगो जिला कोरबा और दीपक टोप्पो, निवासी बीसबहरी, थाना बगीचा, जिला जशपुर शामिल हैं। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने की प्रक्रिया जारी है। यह कार्रवाई आबकारी विभाग की सतर्कता और कुशलता का परिणाम है, जिसने तस्करों को सफलता से रोकने में अहम भूमिका निभाई।
इस अभियान में विशेष योगदान देने वालों में शामिल हैं:
आबकारी वृत्त-घरघोड़ा प्रभारी आबकारी उप-निरीक्षक रागिनी पटेल
आबकारी उपनिरीक्षक जितेश नायक
आबकारी वृत्त रायगढ़ (उत्तर), रायगढ़ (दक्षिण), खरसिया के प्रभारी आबकारी उप-निरीक्षक अंकित अग्रवाल, याजेंद्र कुमार मेहर, कुशल कुमार पटेल
आबकारी आरक्षक लाकेश नेताम, प्रवीण जांगड़े, कुलदीप ठाकुर
महिला आरक्षक अनिशा तिर्की
आबकारी जांच चौकी सुरक्षा कर्मी
अभियान के दौरान विभागीय कर्मचारियों ने सघन जांच, घेराबंदी और तलाशी प्रक्रिया को कुशलतापूर्वक संपन्न किया। इस प्रकार की कार्रवाईयों से यह स्पष्ट संदेश गया कि गांजा तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर आबकारी विभाग की निगरानी सतत है और अपराधियों को कानून के शिकंजे में लाना प्राथमिकता है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि इस तरह की कार्रवाईयों से न केवल तस्करी को रोका जाता है, बल्कि राज्य में कानून-व्यवस्था और नशामुक्त समाज के लिए भी महत्वपूर्ण योगदान मिलता है। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग लगातार सीमा क्षेत्रों में सघन निगरानी और कार्रवाई करता रहेगा ताकि नशीले पदार्थों की तस्करी को जड़ से खत्म किया जा सके।
प्रभारी सहायक आयुक्त आबकारी क्रिस्टोफर खलखो ने कहा कि यह कार्रवाई विभाग की प्रतिबद्धता और सतर्कता का परिणाम है। उन्होंने बताया कि मुखबिर की जानकारी पर तत्काल कार्रवाई कर नशे की अवैध आपूर्ति को रोकना प्राथमिक लक्ष्य था। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोरतम कार्रवाई की जाएगी और न्यायिक प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ पूरी की जाएगी। पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई के कारण यह सुनिश्चित हुआ कि न केवल अवैध गांजा को जब्त किया गया, बल्कि तस्करों को गिरफ्तारी के जरिए सजा दिलाना भी संभव हुआ। यह राज्य और सीमा क्षेत्रों में नशा मुक्त माहौल बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।