Raipur. रायपुर। बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी से आम नागरिकों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के तहत पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के नॉर्थ जोन में विभिन्न स्कूल और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से करीब 1800 छात्र-छात्राओं और उपस्थित लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को साइबर ठगी के नए तरीकों, डिजिटल सुरक्षा और ऑनलाइन सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करना रहा। यह अभियान पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले (आईपीएस) के मार्गदर्शन में चलाया गया। वहीं पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन दीपमाला कश्यप और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आदित्य पांडे के पर्यवेक्षण में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
स्कूल-कॉलेजों में पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश
थाना पंडरी क्षेत्र अंतर्गत सेंट पल्लोटी कॉलेज कांपा में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 200 छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी गई। इसी तरह थाना गुढ़ियारी क्षेत्र के विकास नगर स्थित न्यू टेक पब्लिक स्कूल में कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों तथा स्कूल स्टाफ को साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए गए। पुलिस ने छात्रों से कहा कि वे स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। थाना खम्हारडीह क्षेत्र के शासकीय स्कूल में भी लगभग 200 विद्यार्थियों और शिक्षकों को साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी गई। वहीं थाना उरला क्षेत्र के ईश्वर पब्लिक स्कूल बिरगांव में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 1000 छात्र-छात्राओं और उपस्थित लोगों ने भाग लिया। इस दौरान साइबर सुरक्षा के साथ यातायात जागरूकता और नए आपराधिक कानूनों से जुड़ी जानकारी भी साझा की गई।
संवाद से समाधान के तहत बच्चों से बातचीत
शासकीय पूर्व माध्यमिक अभ्यास शाला, बीटीआई ग्राउंड शंकर नगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने बच्चों से संवाद किया। “संवाद से समाधान” कार्यक्रम के तहत गुड टच-बैड टच और साइबर अपराधों से बचाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को बताया कि किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत अपने अभिभावकों या संबंधित लोगों से बात करें और गलत गतिविधियों की जानकारी छिपाएं नहीं।
संदिग्ध लिंक और APK फाइल से बचने की सलाह
जागरूकता कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को साइबर ठगी के प्रमुख तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि अनजान लिंक, संदिग्ध मैसेज और अज्ञात APK फाइल पर क्लिक या डाउनलोड करने से बचना चाहिए। इसके अलावा पुलिस ने लोगों को OTP, PIN, CVV और पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी। फर्जी KYC अपडेट, बैंक अधिकारी बनकर ठगी, ऑनलाइन निवेश के नाम पर धोखाधड़ी और सोशल मीडिया फ्रॉड से सतर्क रहने की अपील की गई।
पुलिस ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो समय गंवाए बिना राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। जल्द शिकायत करने से ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। रायपुर पुलिस ने विद्यार्थियों को अपने परिवार के सदस्यों को भी साइबर सुरक्षा के उपाय बताने के लिए प्रेरित किया। साथ ही पुलिस कमिश्नरेट के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़कर साइबर जागरूकता अभियान का हिस्सा बनने की अपील की गई।
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