Raipur. रायपुर। रायपुर स्थित राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (RSU) के छात्र और सोशल मीडिया पर सक्रिय इंस्टाग्रामर तृशल मुलचंदानी के खिलाफ टिकरापारा थाना में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। यह मामला एक साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया जा रहा है, जिसने उनके परिजनों और दोस्तों को गहरी चिंता में डाल दिया। मामले की जानकारी 24 घंटे बाद रायपुर के उभरते हुए युवा अधिवक्ता, एडवोकेट ठाकुर निश्छय सिंह को मिली। उन्होंने गुड फ्राइडे के अवकाश के बावजूद तत्काल नयायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (
JMFC
), रायपुर की वेकेशन बेंच में जमानत याचिका दायर की। 


एडवोकेट ठाकुर निश्छय सिंह के त्वरित कानूनी प्रयासों और मजबूत तर्कों के बाद तृशल मुलचंदानी को जमानत मिल गई, जिससे उनके परिवार और समर्थकों ने राहत की सांस ली। इस घटना को कानूनी जगत और आम जनता ने एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में देखा है। अधिवक्ता ठाकुर निश्छय सिंह की अवकाश के दिन न्याय की रक्षा के प्रति तत्परता ने उनके कद को और बढ़ा दिया है, और उनकी प्रतिबद्धता की व्यापक सराहना की जा रही है। यह मामला यह भी उजागर करता है कि कानून का दुरुपयोग और युवाओं को गलत तरीके से फंसाने की प्रवृत्ति कितनी गंभीर हो सकती है, जो आने वाले दिनों में सार्वजनिक चर्चा का विषय बन सकता है।
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