Raipur. रायपुर। बुधवार को आदिवासी गोंड समाज मावली महासभा सिंगारपुर द्वारा ग्राम ढाबाडीह, लक्ष्मणा धाम बलौदा बाजार भाटापारा में 'विश्व आदिवासी परब (तिहार)' का भव्य आयोजन किया गया। इस गौरवशाली कार्यक्रम में रायपुर लोकसभा के लोकप्रिय सांसद बृजमोहन अग्रवाल मुख्य रूप से शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत समाज के आराध्य 'बूढ़ा देव' और 'मावली माता' के पूजन के साथ हुआ। समारोह को संबोधित करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आज यदि छत्तीसगढ़ के बस्तर, सरगुजा सहित समूचे प्रदेश में जल, जंगल और जमीन सुरक्षित हैं, तो इसका पूरा श्रेय आदिवासी समाज को जाता है। आदिवासी समाज केवल प्रकृति का उपभोक्ता नहीं, बल्कि उसका सच्चा पूजक और रक्षक है।
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जंगलों की अंधाधुंध कटाई और पानी के दुरुपयोग के कारण मौसम का चक्र प्रभावित हो रहा है। पहले जहां 50 फीट पर पानी मिल जाता था, आज 500 से 1000 फीट नीचे जाने पर भी जल संकट बना हुआ है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से जल संरक्षण, सोख्ता गड्ढों के निर्माण और अधिक से अधिक वृक्षारोपण का संकल्प लेने का आह्वान किया। श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के आदिवासी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आदिवासी समाज के गौरव और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को पूरे विश्व में जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाना शुरू किया गया है। वहीं डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में ही शहीद वीर नारायण सिंह जी की जयंती मनाने की ऐतिहासिक शुरुआत की गई थी। आज साय सरकार आदिवासियों और किसानों को ₹3100 धान का मूल्य दे रही है, महतारी वंदन योजना के तहत माताओं-बहनों को प्रतिमाह ₹1000 और 'हर घर नल से जल' योजना के जरिए घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाया जा रहा है।
विकास कार्यों के लिए 15 लाख रुपये की घोषणा
कार्यक्रम में क्षेत्रीय विकास को गति देते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने ग्राम ढाबाडीह में सीसी रोड निर्माण हेतु 5 लाख रुपये, खेल मैदान के समतलीकरण हेतु 5 लाख रुपये तथा पास के गांव धोलाभाटा में 500 मीटर सड़क निर्माण के लिए 5 लाख रुपये (कुल 15 लाख रुपये) स्वीकृत करने की घोषणा की। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से क्षेत्रीय नेता शिवरतन शर्मा, जिला भाजपा अध्यक्ष आनंद यादव, तिरुमाल बंसुलाल नेताम, गोपाल, तेज सिंह मंडावी, कुलपत छैतैया, समय लाल नेताम, नारद मरकाम, महान सिंह नेताम, तुलसीराम नेताम, विश्राम ध्रुव, नारायण साहू सहित मावली महासभा के समस्त पदाधिकारी, पंच-सरपंच, युवा एवं बड़ी संख्या में माताएं-बहनें उपस्थित रहीं।