ट्रेलर लोड में हेर-फेर कर लाखों की ठगी करने वाले ट्रांसपोर्टर, वाहन चालक और कबाड़ी गिरफ्तार

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Update: 2026-03-21 16:53 GMT
Raipur. रायपुर। थाना मंदिर हसौद पुलिस ने एक बड़े आर्थिक अपराध का खुलासा करते हुए ट्रेलर में लोड किए गए टीएमटी सरिया के साथ हेर-फेर कर लाखों रुपये की ठगी करने वाले ट्रांसपोर्टर, वाहन चालक और कबाड़ी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने ठगी की गई सामग्री समेत पिग आयरन के टुकड़े, क्रेन और वजन मशीन भी जब्त की है।
मामला मेसर्स श्रीजीकृपा प्रोजेक्ट लिमिटेड से जुड़ा है। कंपनी के मैनेजर ने थाना मंदिर हसौद में रिपोर्ट दर्ज कराई कि नवा रायपुर सेक्टर-16 में नव निर्मित महिला हॉस्टल निर्माण के लिए आर्डर किए गए टीएमटी सरिया को ट्रेलर में लोड कर भेजा गया था। लेकिन ट्रांसपोर्टर, वाहन चालक और कबाड़ी ने मिलकर ट्रेलर के डाला में हेर-फेर किया और कुल 10 मैट्रिक टन टीएमटी सरिया की कीमत लगभग 6,90,000 रुपये की ठगी की।
पुलिस अधीक्षक महोदया श्रीमती श्वेता सिन्हा श्रीवास्तव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों और थाना प्रभारी मंदिर हसौद को आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का निर्देश दिया। इसके बाद थाना मंदिर हसौद पुलिस ने प्रार्थी से विस्तृत पूछताछ की और ट्रेलर के मालिक की जानकारी जुटाकर वाहन चालक की पहचान की। वाहन चालक से कड़ी पूछताछ के बाद पता चला कि उसने अपने ट्रांसपोर्टर के साथ मिलकर गोंदवारा, अशोक विहार स्थित कबाड़ी रूपेश सिंह के पास प्रार्थी के लोड किए गए सरिया के साथ हेर-फेर किया। इसके बाद पुलिस ने कबाड़ी रूपेश सिंह को भी पकड़कर पूछताछ की, जिसमें उसने ठगी की पूरी घटना स्वीकार की।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं:
राजू सिंह, पिता योगेन्द्र सिंह, उम्र 48 साल, निवासी अशोक विहार, थाना खमतराई, रायपुर (ट्रांसपोर्टर)
चुम्मन साहू, पिता जेठुराम साहू, उम्र 37 साल, निवासी गोगांव, मंदिर गुढ़ियारी (वाहन चालक)
रूपेश सिंह, पिता श्रीकांत सिंह, उम्र 34 साल, निवासी सीता नगर, गोगांव, थाना गुढ़ियारी, रायपुर (कबाड़ी संचालक)

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी की गई सरिया, पिग आयरन के टुकड़े, 02 नग क्रेन, 01 नग वेट मशीन (छोटा) और 02 नग बड़ा वेट मशीन जब्त की। आरोपियों के खिलाफ थाना मंदिर हसौद में अपराध क्रमांक 148/26, धारा 318(4), 61, 112 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। थाना मंदिर हसौद पुलिस ने बताया कि इस तरह की ठगी और हेर-फेर से निर्माण कार्य प्रभावित होता है और इससे परियोजनाओं में आर्थिक नुकसान होता है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस तरह के माल परिवहन में सतर्क रहें और किसी भी अनियमितता की सूचना तत्काल पुलिस को दें। इस कार्रवाई में थाना मंदिर हसौद पुलिस की टीम, वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य सहयोगियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी और ठगी की संपत्ति जब्ती से स्पष्ट संदेश गया कि किसी को भी सार्वजनिक या निजी माल के साथ हेर-फेर करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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